

विभाग में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता। झारखंड के कारोबारी निखिल की हत्या के मामले में बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड में तैनात कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट अयान गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता पुलिस मुख्यालय ने उच्चस्तरीय आंतरिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि कारोबारी की मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड कथित तौर पर आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इस मामले में पुलिस विभाग के और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। झारखंड पुलिस की जांच में सामने आया है कि गुप्ता ने कथित तौर पर बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड की सिविक वॉलंटियर ट्विंकल दास के कहने पर निखिल की मोबाइल टावर लोकेशन से जुड़ी जानकारी हासिल कर राघव नामक व्यक्ति तक पहुंचाई थी। राघव को पुलिस हत्या की साजिश का कथित मास्टरमाइंड मानकर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ट्विंकल को राघव की करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पर्णश्री इलाके के रहने वाले गुप्ता ने चौलपट्टी रोड इलाके में रहने वाली ट्विंकल के कहने पर कई बार निखिल की मोबाइल टावर लोकेशन कथित तौर पर एक्सेस की। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस जानकारी का इस्तेमाल निखिल की गतिविधियों पर नजर रखने और हत्या की योजना बनाने में किया गया।
गौरतलब है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को इस तरह के संवेदनशील टेलीकॉम डेटा तक सीधे पहुंच हासिल नहीं होती। आधिकारिक तौर पर मोबाइल टावर लोकेशन या कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) हासिल करने का अधिकार कोलकाता पुलिस के अधिकृत जांच अधिकारियों और साइबर क्राइम जैसी तकनीकी इकाइयों को ही होता है। इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरी का पालन करना पड़ता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आम नागरिकों के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी बिना वैध अधिकार और कानूनी अनुमति के मोबाइल टावर लॉग या लोकेशन ट्रैकिंग डेटा हासिल नहीं कर सकते।
मामला सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने उच्चस्तरीय आंतरिक जांच के आदेश दिए। स्थानीय ट्रैफिक गार्ड स्तर पर शुरुआती जांच पूरी कर रिपोर्ट लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय को सौंप दी गई है। अब वरिष्ठ अधिकारी विभागीय जिम्मेदारी तय करने के साथ यह भी जांच रहे हैं कि संवेदनशील जानकारी साझा करने में कोई अन्य पुलिसकर्मी या कर्मचारी शामिल था या नहीं।
पिछले गुरुवार को झारखंड पुलिस की टीम ने अयान गुप्ता और ट्विंकल दास को लालबाजार बुलाया था। यहां डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने दोनों से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद दोनों को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। गुप्ता को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।