

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: बड़ाबाजार इलाके में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने और गोली चलाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी संदीप उपाध्याय को दोषी करार देते हुए 7 साल की कैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्त को 6 महीने अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। घटना 18 दिसंबर 2014 की रात को बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेताजी सुभाष रोड स्थित ''राजाकटरा'' की एक इमारत में घटी थी।
स्पेशल पीपी अमलेंदु चक्रवर्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की रात करीब 9 बजे, उसी इमारत में रहने वाले संतोष सिंह ने अचानक पीछे से संदीप उपाध्याय को धक्का दे दिया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर संदीप उपाध्याय ने पिस्तौल निकाली और संतोष सिंह पर गोली चला दी। हालांकि, संतोष की किस्मत अच्छी थी कि गोली का निशाना चूक गया और वह सीधे दीवार पर जा लगी, जिससे संतोष की जान बच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़ पड़े और आरोपी संदीप उपाध्याय को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। बड़ाबाजार थाने में इस घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी।
15 गवाहों की गवाही से साबित हुआ जुर्म
मामले की गहन जांच उस समय के जांच अधिकारी (IO) और वर्तमान में इंस्पेक्टर सोमनाथ गोस्वामी ने की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट के न्यायाधीश कौस्तुभ मुखर्जी की अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे के दौरान अदालत में कुल 15 गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराई। सरकारी वकील ने बताया कि अदालत ने सभी गवाहों, सबूतों और इंस्पेक्टर सोमनाथ गोस्वामी द्वारा पेश की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर संदीप उपाध्याय को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा का ऐलान किया।