

कोलकाता : नील रतन सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक मरीज की कथित तौर पर गलत सर्जरी किए जाने के आरोप के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बेलेघाटा निवासी गोपाल पोरेल का आरोप है कि उन्हें पित्त की पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था,
लेकिन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उनका अपेंडिक्स निकाल दिया। मरीज ने इस संबंध में अस्पताल प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत भी दी है। फिलहाल वह साल्ट लेक के एक निजी नर्सिंग होम में पित्त की पथरी की सर्जरी के लिए भर्ती हैं।
मरीज के परिजनों के मुताबिक, गोपाल को कुछ सप्ताह पहले तेज पेट दर्द की शिकायत के बाद NRS में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों को अपेंडिसाइटिस की आशंका हुई थी।
हालांकि, परिवार का दावा है कि मरीज की मूल समस्या पित्त की पथरी से जुड़ी थी और कथित तौर पर उसकी जगह अपेंडिक्स की सर्जरी कर दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- रिकॉर्ड की जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारदवत मुखर्जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार शिकायत मिलने पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने NRS के एमएसवीपी से मामले की जानकारी मांगी है। मंत्री के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में मरीज के जुलाई में भर्ती होने की बात सामने आई है और अब पूरे उपचार रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायत की विश्वसनीयता मेडिकल रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट होगी। मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष से फोन पर बात की है। मरीज के इलाज के लिए किसी अन्य मेडिकल कॉलेज में उपचार उपलब्ध कराने की पेशकश भी की गई है।
निजी नर्सिंग होम में इलाज, आर्थिक मदद की भी मांग
विधायक कुणाल घोष ने बताया कि मरीज आर्थिक रूप से कमजोर है और 100 दिन की रोजगार योजना के तहत काम करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मरीज के इलाज का खर्च उठाने में मदद की अपील की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता का फैसला उनके सीधे अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह मुख्यमंत्री के सामने मामला रखेंगे। मरीज की मौजूदा स्थिति और कथित गलत सर्जरी को लेकर अंतिम तस्वीर अस्पताल के उपचार रिकॉर्ड और संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।