

कोलकाता : बागेश्वर पर विवाद अब बंगाल में बड़ा सियासी संघर्ष बनता जा रहा है। कांग्रेस ने 12 सितंबर को राज्य के हर जिले में सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि बागेश्वर के खिलाफ विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी से पार्टी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस थाने-थाने प्रदर्शन करेगी और वह खुद आंदोलन की अगुवाई करेंगे।
दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस महासचिव अतनु दास की गिरफ्तारी और उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भवानीपुर थाने में दर्ज केस संख्या 230/2026 में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद, प्रदेश कांग्रेस महासचिव आशुतोष चट्टोपाध्याय और अतनु दास समेत अन्य के नाम हैं।
शुभंकर ने आरोप लगाया कि बंगाल और बंगाली संस्कृति पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बागेश्वर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन विरोध करने वालों पर एफआईआर और गिरफ्तारी की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी अदालत में भी लड़ेगी और सड़क पर भी जवाब देगी। उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर अमिष-निरामिष विवाद के जरिए असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
इधर, तृणमूल ने भी कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर आपत्ति जतायी, लेकिन कांग्रेस को ममता बनर्जी पर हमले से बचने की नसीहत दी। तृणमूल ने कहा कि विपक्षी एकता के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को मौजूदा संकट में एकजुट होना चाहिए।