

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के संभावित वार्ड परिसीमन (डिलिमिटेशन) को लेकर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त एवं प्रशासक स्मिता पांडेय को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जनगणना पूरी होने से पहले वार्डों का पुनर्गठन न किया जाए। साथ ही, इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
कांग्रेस का दावा है कि नगर निगम के मौजूदा 144 वार्डों को बढ़ाकर लगभग 200 किए जाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में अब तक किसी भी राजनीतिक दल के साथ औपचारिक चर्चा नहीं की गई है। पार्टी का कहना है कि वार्ड परिसीमन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व, नागरिक सुविधाओं और विकास योजनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अद्यतन जनसंख्या के आंकड़ों के बिना परिसीमन किए जाने से वार्डों के बीच जनसंख्या का असंतुलन पैदा हो सकता है। इससे पार्षदों के कार्यभार के साथ-साथ नगर सेवाओं के वितरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कांग्रेस ने ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन को लेकर जागरूकता की कमी का मुद्दा भी उठाया है।
पार्टी ने प्रत्येक वार्ड, बोरो कार्यालय और नगर निगम कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग की है। साथ ही, परिसीमन का मसौदा सार्वजनिक कर नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने की भी अपील की गई है।