

कोलकाता : पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डब्ल्यूबीपीसीसी) के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा E20 पेट्रोल के अनिवार्य क्रियान्वयन का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना पर्याप्त परामर्श, उपभोक्ताओं की पसंद और आवश्यक सुरक्षा उपायों के इसे लागू करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाली किसी भी नीति में उपभोक्ताओं के हित सर्वोपरि होने चाहिए। सरकार पुराने वाहनों के मालिकों पर कम माइलेज, अधिक रखरखाव खर्च और संभावित तकनीकी समस्याओं का बोझ नहीं डाल सकती।
यदि E20 वास्तव में लाभकारी है, तो सरकार इसके वास्तविक लाभ और लागत को सार्वजनिक करे तथा उपभोक्ताओं को विकल्प उपलब्ध कराए। शुभंकर सरकार ने कहा कि कांग्रेस वैज्ञानिक, टिकाऊ और किसान-हितैषी ऊर्जा नीतियों का समर्थन करती है, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा के नाम पर वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं की वास्तविक चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराने, मौजूदा वाहन मालिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार वैकल्पिक ईंधन के विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा पेट्रोल और एथेनॉल का नहीं, बल्कि जनता की राय का सम्मान करने और उपभोक्ताओं को उचित विकल्प उपलब्ध कराने का है।