

कोलकाता : प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा रद्द, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने देशभर में 40 दिन के छात्र-युवा आंदोलन का ऐलान किया है। गुरुवार को कोलकाता प्रेस क्लब में पार्टी ने ‘छात्रों की गूंज’ नामक इस राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की। कांग्रेस का दावा है कि 28 बड़े शहरों में यह अभियान चलाकर छात्रों, नौकरी के अभ्यर्थियों और युवाओं के आक्रोश को संगठित किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईसीसी की सोशल मीडिया एवं डिजिटल कम्युनिकेशन विभाग की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और नेता प्रसेनजीत बोस मौजूद थे। सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने देश की परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि NEET-UG 2026 विवाद केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के गहरे संकट का प्रतीक है। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, एनटीए सहित पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और वार्षिक परीक्षा-भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग की है।
30 जून से यह अभियान शुरू होगा। 1 अगस्त को 28 शहरों में प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ मार्च के साथ इसके पहले चरण का समापन होगा।