

कोलकाता : प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भाजपा सरकार से तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने के बावजूद जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने तारातला की घटना, होटलों की सुरक्षा, फुटपाथ हॉकर्स, SIR में 27 लाख नामों की कटौती, जादवपुर विश्वविद्यालय की हिंसा, बढ़ती राजनीतिक हिंसा और प्याज समेत जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया।
शुभंकर ने कहा कि वैध दस्तावेज वाले होटलों को बंद नहीं किया जाना चाहिए, जबकि अवैध होटलों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फुटपाथ पर दूध गर्म करने का चूल्हा हटाने के मामले में उन्होंने कहा कि कार्रवाई के साथ बेघर लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि बाढ़ राहत में दलगत नियंत्रण रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है।
SIR को लेकर उन्होंने कहा कि 27 लाख मतदाताओं के नाम अब भी प्रभावित हैं, जिसका असर कोलकाता नगर निगम के डिलिमिटेशन और मैपिंग में भी पड़ रहा है। तारातला घटना के बाद घोषित बिल्डिंग ऑडिट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि ऑडिट का क्या हुआ। कांग्रेस ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर वरिष्ठ लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता और मतुआ-दलित नेता सुकृति रंजन विश्वास अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस ही दलित और वंचितों के अधिकारों की आवाज उठा रही है।