कोलकाता के दो पटाखा बाजारों के आयोजन पर असमंजस

नई दावेदारी से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
Kolkata
पटाखा बाजारों के आयोजन पर असमंजस
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कोलकाता : दीपावली और काली पूजा से पहले कोलकाता के दो प्रमुख पटाखा बाजारों—टाला पार्क और शहीद मीनार मैदान के आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। कई वर्षों से इन बाजारों का संचालन कर रही संस्थाओं के सामने इस बार नए आवेदकों की दावेदारी आ गई है।

इससे आयोजन की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर फैसला लंबित है। पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर चिंता है, क्योंकि आयोजन की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय जरूरी है।

टाला पार्क और शहीद मीनार बाजार की जिम्मेदारी पर टकराव

शहीद मीनार मैदान में वर्षों से बड़ाबाजार फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन बाजार का आयोजन करती रही है, जबकि टाला पार्क के बाजार की जिम्मेदारी नॉर्थ डिवीजन बाजी बाजार सोसाइटी के पास रही है। इस बार नए आवेदकों के मैदान में उतरने से दोनों जगह आयोजन की जिम्मेदारी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

बड़ाबाजार फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन ने बताया कि उनकी संस्था ने मई में आवेदन जमा किया था, लेकिन उनसे पहले भी किसी अन्य पक्ष ने आवेदन कर दिया था। ऐसे में शहीद मीनार मैदान में बाजार आयोजित करने का अधिकार किसे मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

पुलिस और रक्षा अधिकारियों की मंजूरी के बाद होगा फैसला

शहीद मीनार मैदान में बाजार लगाने के लिए कोलकाता पुलिस के अलावा रक्षा मंत्रालय और स्थानीय रक्षा प्राधिकरण की मंजूरी भी आवश्यक है। आयोजन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, इस पर एक-दो दिनों में या 28 अक्टूबर को पटाखा कारोबारियों के साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान फैसला होने की संभावना है।

सुरक्षा तैयारियों के लिए समय जरूरी, केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति

पटाखा कारोबारियों का कहना है कि बाजार के आयोजन का फैसला देर से होने पर दुकानों को समय पर तैयार करना मुश्किल हो सकता है। पटाखे ज्वलनशील पदार्थ हैं, इसलिए सुरक्षा के निर्धारित इंतजाम करने में पर्याप्त समय लगता है। इसी कारण आयोजन की जिम्मेदारी जल्द तय होना जरूरी माना जा रहा है।

कोलकाता में टाला पार्क और शहीद मीनार के अलावा कालीकापुर और बेहाला में भी बाजी बाजार लगाए जाते हैं। इन बाजारों में केवल कम प्रदूषण फैलाने वाले ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति है।

पटाखे खरीदने वाले लोगों के लिए ये बाजार महत्वपूर्ण केंद्र माने जाते हैं। अब सभी की नजर पुलिस और संबंधित अधिकारियों के फैसले पर है, जिससे बाजारों के आयोजन और दुकानों की तैयारियों को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके।

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