

कोलकाता : विधानसभा से दिनभर के लिए निलंबित किए जाने के बाद ममता बनर्जी गुट के विधायक कुणाल घोष ने ऋतब्रत बनर्जी खेमे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दल बदलने का प्रस्ताव दिया गया और साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे ऋतब्रत खेमे में शामिल हो जाएं, तभी उन्हें विधानसभा में बोलने का मौका मिलेगा।
बुधवार की शाम वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के साथ संवाददाता सम्मेलन में कुणाल ने दावा किया, "मुझे क्यों बोलने नहीं दिया गया, यह मैं समझ सकता हूं। लेकिन मैं उस समय हैरान रह गया, जब ऋतब्रत खेमे के वरिष्ठ विधायक जावेद खान ने मुझसे कहा, ''आप इधर आ जाइए, तब बोल पाएंगे।'' क्या अब सदन में बोलने का अधिकार भी खेमा बदलने की शर्त पर मिलेगा?"
इससे पहले सदन में वक्ताओं की सूची से अपना नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कुणाल ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मुख्य सचेतक अखरुज्जमां से बार-बार पूछा कि उनका नाम सूची से क्यों हटाया गया। जवाब नहीं मिलने पर सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। अध्यक्ष की कई चेतावनियों के बावजूद विरोध जारी रखने पर मार्शलों ने उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया और दिनभर के लिए निलंबित कर दिया गया।
कुणाल ने यह भी दावा किया कि मुख्य सचेतक अखरुज्जमां ने उनसे कहा कि उनके साथ उनके व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, लेकिन "ऊपर से रोक है।" इस पर कुणाल ने सवाल उठाया कि आखिर यह "ऊपर" कौन है, जिसके इशारे पर विपक्षी विधायकों की आवाज दबाई जा रही है। हालांकि, इस आरोप पर जावेद खान की ओर से कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।