

कोलकाता : बंगाल विधानसभा में सोमवार को एक दुर्लभ राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। 'वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक ओर माकपा शासनकाल में राजनीति के अपराधीकरण और 'हार्मद वाहिनी' की आलोचना की, वहीं दूसरी ओर डोमकल से माकपा के एकमात्र विधायक मोस्ताफिजुर रहमान (राना) की खुले मंच से प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "डोमकल से एक जेंटलमैन जीतकर आए हैं।" उनके इस बयान ने सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति में अपराधियों का प्रवेश माकपा शासन के दौरान हुआ और वर्ष 2000 के बाद 'हार्मद वाहिनी' का गठन कर राजनीतिक विरोधियों को दबाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर भी तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन और विरोध के नाम पर सरकारी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री की ओर से राना की प्रशंसा उनके जनहित के मुद्दों पर सक्रिय और रचनात्मक भूमिका को देखते हुए की गई।