मुख्यमंत्री ने रखा 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर सांसदों और विधायकों तक को दिया पौधारोपण का लक्ष्य
शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी
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कोलकाता : राज्य में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में 10 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। मंगलवार को सॉल्टलेक स्थित वनबितान में ''अरण्य सप्ताह'' के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के व्यापक पौधारोपण अभियान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से प्रेरणा लेकर बंगाल को भी हरित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राज्यभर में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की गई और बड़े पैमाने पर जंगलों का विनाश हुआ। उन्होंने कहा कि इसके कारण पश्चिम बंगाल का बड़ा हिस्सा "कंक्रीट के जंगल" में तब्दील हो गया है। शुभेंदु ने कहा, "जब भी मैं हेलीकॉप्टर से राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा करता हूं तो नीचे का दृश्य देखकर मन विचलित हो जाता है।

कभी हरियाली से आच्छादित रहने वाले झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, तराई-डुआर्स और चालसा जैसे क्षेत्रों की स्थिति आज बेहद चिंताजनक है।" उन्होंने कहा कि जंगलों के लगातार क्षरण से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ा है। इसी स्थिति से उबरने के लिए राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 7 करोड़ 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 5 जून को 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य था, लेकिन उस दिन 9 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।

शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है। हल्दिया विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष के रूप में अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पौधारोपण के बाद कम-से-कम दो वर्षों तक पौधों की देखभाल सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि पहले एक हजार पौधे लगाने पर साढ़े तीन वर्ष बाद लगभग 500 से 550 पौधे ही वृक्ष के रूप में विकसित हो पाते थे।

इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ रखरखाव पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। सीएम ने सभी विधायकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक लाख तथा सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्रों में सात-सात लाख पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान में भाग लेने की अपील की और कहा कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे पूर्ण विकसित होने से पहले काटे न जा सकें।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग की उपेक्षा के लिए भी पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विभाग को न पर्याप्त बजट मिला, न संसाधन और न ही पर्याप्त मानवबल। अधिकारियों को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के वन प्रबंधन मॉडल का अध्ययन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार वन विभाग को सशक्त और आधुनिक बनाएगी।

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