शास्त्रीय संगीत के दिग्गज अमिया रंजन बंद्योपाध्याय का निधन

100 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
Kolkata
अमिया रंजन बंद्योपाध्याय
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कोलकाता : बंगाल के सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक, संगीताचार्य और बिष्णुपुर घराने के वरिष्ठ प्रतिनिधि अमिया रंजन बंद्योपाध्याय का गुरूवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 100 वर्ष के थे।

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उनके निधन की खबर सामने आने के बाद संगीत जगत, सांस्कृतिक क्षेत्र और उनके असंख्य शिष्यों में शोक की लहर फैल गई।

अमिया रंजन बंद्योपाध्याय को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, विशेषकर बिष्णुपुर घराने की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले प्रमुख संगीताचार्यों में गिना जाता था।

उन्होंने दशकों तक संगीत साधना, शिक्षण और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से शास्त्रीय संगीत को समृद्ध किया। उनकी गायकी अपनी गंभीरता, शास्त्रीय अनुशासन और भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए जानी जाती थी।

उन्होंने अपने लंबे संगीत जीवन में अनेक शिष्यों को प्रशिक्षण दिया और शास्त्रीय संगीत के प्रति समर्पण तथा अनुशासन की ऐसी परंपरा विकसित की, जिसका प्रभाव आज भी संगीत जगत में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उनके कई शिष्य देश-विदेश में भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें समय-समय पर विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं और संगीत संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया गया। संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि अमिया रंजन बंद्योपाध्याय ने बिष्णुपुर घराने की समृद्ध विरासत को न केवल संरक्षित किया, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके निधन पर संगीत प्रेमियों, कलाकारों, सांस्कृतिक संगठनों और उनके शिष्यों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक जगत में उनके निधन को अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

संगीत प्रेमियों का कहना है कि अमिया रंजन बंद्योपाध्याय का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा और भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनका नाम सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

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