

मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में लंबित नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। कोलकाता और हावड़ा समेत कई महत्वपूर्ण नगर निगमों और नगरपालिकाओं में चुनाव कराने को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने बुधवार को उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक की। राज्य चुनाव आयुक्त कृष्णा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और जिला नगरपालिका चुनाव अधिकारी शामिल हुए। बैठक में दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और पूर्व मिदनापुर जिलों के जिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी नगर निकाय चुनाव की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
सीमा निर्धारण से लेकर मतदान केंद्र तक की समीक्षा
आयोग के सूत्रों के अनुसार, बैठक में नगर निकाय क्षेत्रों के नए परिसीमन, वार्डों में आरक्षण, अंतिम मतदाता सूची तैयार करने, मतदान केंद्रों के चयन, ईवीएम की व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में मतदानकर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, नगर निकाय चुनाव में विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा या नई तकनीक वाली ईवीएम लाई जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ईवीएम की उपलब्धता के आधार पर यह भी तय किया जाएगा कि सभी लंबित नगर निकायों में एक ही दिन मतदान कराया जाए या चुनाव कई चरणों में कराया जाए।
सितंबर में आरक्षण की प्रारंभिक सूची, अक्टूबर में अंतिम सूची
बैठक में चुनावी तैयारियों के लिए कुछ अहम समय सीमाएं भी तय की गईं। सूत्रों के अनुसार राज्य चुनाव आयोग सितंबर के मध्य तक वार्ड आरक्षण की प्रारंभिक सूची जारी करने की तैयारी में है। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा कर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक आरक्षण की अंतिम सूची जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच, सुरक्षित स्ट्रांग रूम की व्यवस्था और चुनाव के दौरान ईवीएम की तैनाती की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। राज्य चुनाव आयोग ने संबंधित जिला प्रशासन को मतदाता सूची में संशोधन, मतदान केंद्रों को अंतिम रूप देने और आवश्यक चुनाव कर्मियों की व्यवस्था तय समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।