

सन्मार्ग संवाददाता
नई दिल्ली : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (NPM) और CISF मुख्यालय में दिनभर का स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के बाद 22 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस वर्ष 23 अक्टूबर का दिन CISF के लिए निर्धारित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान CISF के 127 वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पांच शहीद जवानों के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित शहीद जवानों के नाम इस प्रकार हैं:
कांस्टेबल/जीडी वासु देव तुलसीराम चौरे (महाराष्ट्र)
कांस्टेबल/जीडी ओम प्रकाश (हिमाचल प्रदेश)
कांस्टेबल/जीडी रणजीत सिंह (राजस्थान)
कांस्टेबल/जीडी रफी क्यू. अहमद खान (उत्तराखंड)
हेड कांस्टेबल/जीडी राज किशोर प्रसाद (झारखंड)
सुबह के सत्र की शुरुआत CISF अधिकारियों और जवानों के परिजनों द्वारा केंद्रीय मूर्ति पर पुष्प अर्पित करने और शौर्य दीवार के दर्शन के साथ हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए। इसके बाद CISF की एडीजी (एपीएस) श्रीमती बिनीता ठाकुर ने केंद्रीय मूर्ति पर पुष्पचक्र अर्पित किया।
शहीद जवानों के परिजनों ने भी केंद्रीय मूर्ति और शौर्य दीवार पर श्रद्धांजलि दी। शौर्य दीवार पर उनके प्रियजनों के नाम अंकित हैं। इस दौरान परिजनों ने पुलिस संग्रहालय का भ्रमण किया, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के थिएटर में CISF के वीर जवानों पर आधारित वीडियो देखे और वहां आए अन्य लोगों से बातचीत की। सुबह के सत्र में CISF कर्मियों के लगभग 200 परिवारों ने अपने बच्चों के साथ भाग लिया।
दोपहर में CISF के महानिदेशक एवं आईपीएस अधिकारी प्रवीर रंजन ने नई दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय में शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर बल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर स्थित CISF की विभिन्न इकाइयों और प्रतिष्ठानों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दिनभर के कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित रिट्रीट समारोह के साथ हुआ। CISF महानिदेशक ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इसके बाद CISF के ब्रास बैंड ने राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ ‘गंगोत्री’ और ‘भारत के जवान’ जैसे तेज मार्च, ‘राजस्थान ट्रूप्स’ धीमी मार्च तथा ‘ऐ वतन तेरे लिए’, ‘जय भारती’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसी देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत कीं। रिट्रीट से पहले ट्यूबलर बेल्स पर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ की धुन बजाई गई।
शाम को CISF के वीर जवानों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ CISF कर्मियों के लगभग 200 परिवार शामिल हुए।
इस वर्ष राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की शौर्य दीवार पर 154 नए नाम जोड़े गए। ये वे पुलिसकर्मी हैं, जिन्होंने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया।
CISF ने अपने सभी वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि बल उनके बलिदान को सदैव याद रखेगा और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।