सीआईआई ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया

विकास और क्षेत्रीय संपर्क पर जोर को सराहा
सीआईआई ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : CII ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट दूरदर्शी और विश्वास पैदा करने वाला रोडमैप प्रस्तुत करता है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अगली पीढ़ी के सुधारों, सतत उच्च विकास और व्यापक आर्थिक स्थिरता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए निरंतरता, विश्वसनीयता और स्पष्ट दृष्टिकोण का मजबूत संदेश देता है।

सीआईआई ने राजकोषीय अनुशासन के साथ विकास को समर्थन देने पर जोर देने का स्वागत किया है। वित्त वर्ष 2027 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य अनुशंसित मार्ग के अनुरूप है, जो व्यापक आर्थिक प्रबंधन में विश्वास को मजबूत करता है और भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के रणनीतिक इरादे को दर्शाता है।

सीआईआई ने एमएसएमई विकास के लिए ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड, विस्तारित आत्मनिर्भर भारत फंड, और अनिवार्य टीआरईडीएस, उन्नत क्रेडिट गारंटी, जीईएम-लिंक्ड फाइनेंसिंग तथा रिसीवेबल्स सिक्योरिटाइजेशन जैसे तरलता उपायों की घोषणा का स्वागत किया है। तीन रासायनिक पार्कों की स्थापना, ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ बायोफार्मा शक्ति पहल, तथा कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) प्रौद्योगिकियों के लिए ₹20,000 करोड़ के प्रावधान को घरेलू विनिर्माण और सतत विकास को मजबूती देने वाला बताया गया है। इसके साथ ही सतत लॉजिस्टिक्स, एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम तथा एवीजीसी कौशल और अवसंरचना के विस्तार के माध्यम से ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने की पहल का भी स्वागत किया गया।

रेलवे क्षेत्र के लिए ₹2.81 लाख करोड़ का आवंटन रेलवे अवसंरचना, क्षमता विस्तार और यात्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर सरकार के मजबूत फोकस को दर्शाता है। प्रस्तावित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर राष्ट्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे। विशेष रूप से वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पश्चिम बंगाल और पूर्वी क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा संतुलित आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा।

लचीले अवसंरचना और आत्मनिर्भर लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय वाली कंटेनर निर्माण योजना आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगी और घरेलू विनिर्माण क्षमता को बढ़ाएगी।
क्षेत्रीय व्यापार और अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्गों के लिए ₹5,164.8 करोड़ के बढ़े हुए आवंटन से समुद्री आधारित विकास को गति मिलेगी। वहीं दानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर सतत माल परिवहन को प्रोत्साहित करेगा, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा और पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को समर्थन देगा।

“सीआईआई केंद्रीय बजट 2026 में नीतिगत स्थिरता और निरंतरता का स्वागत करता है, जो व्यवसायों को दीर्घकालिक स्पष्टता और विश्वास प्रदान करता है। विशेष रूप से पूर्वोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्रित संतुलित क्षेत्रीय विकास पर जोर उत्साहजनक है। एमएसएमई पूर्वी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। माननीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत तीन-स्तरीय दृष्टिकोण—तरलता, इक्विटी और पेशेवर समर्थन—साथ ही ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के उपाय, मजबूत और प्रतिस्पर्धी एमएसएमई के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

सीआईआई ईस्टर्न रीजन के चेयरमैन एवं आरपी–संजिव गोयनका समूह के वाइस चेयरमैन, शाश्वत गोयनका ने कहा

उन्होंने आगे कहा,
“दुर्गापुर से शुरू होने वाला ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भारत के पूर्वी विकास इंजन को सशक्त करेगा। औद्योगिक गलियारों के लिए 4,000 ई-बसों की घोषणा क्षेत्रीय संपर्क और सतत गतिशीलता को बढ़ावा देगी। समावेशी स्वास्थ्य सेवा पर दिया गया जोर भी सराहनीय है। रांची और तेजपुर में निमहांस-II संस्थानों की स्थापना तथा क्षेत्रीय आपातकालीन और ट्रॉमा केयर संस्थान, वंचित क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य और आपात सेवाओं की पहुंच को काफी बेहतर बनाएंगे।”

“सीआईआई ने दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट्स पर जोर का स्वागत किया है, जो ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्थन देगा। दुर्लभ पृथ्वी कॉरिडोर की घोषणा खनन और अनुसंधान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और दानकुनी–सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूर्वी क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे।”

सीआईआई ईस्टर्न रीजन के डिप्टी चेयरमैन एवं टेगा इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के ग्रुप सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, मेहुल मोहनका ने कहा

उन्होंने आगे कहा, “अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने की बजट घोषणा, जो पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा देने और तालचेर व अंगुल जैसे खनिज क्षेत्रों तथा कालिंगानगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को ओडिशा के धामरा और पारादीप बंदरगाहों से जोड़ने पर केंद्रित है, बहु-माध्यमीय संपर्क को मजबूत करेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगी और हरित परिवहन को प्रोत्साहित करेगी।” श्री मोहनका ने यह भी जोड़ा, “बजट 2026 में पूर्वी क्षेत्र के लिए नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) की घोषणा भारत के डिजाइन इकोसिस्टम को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह पहल विश्वस्तरीय डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा देगी और क्षेत्र की अपार रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करेगी।”

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