

मिदनापुर: सालबनी जमीन कांड की जांच अब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय तक पहुंच सकती है। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अभिषेक के निजी सहायक सुमित राय को उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय ले जाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच का एक अहम बिंदु यह आरोप है कि पूर्व तृणमूल विधायक सुजय हाजरा कथित तौर पर इसी कार्यालय में जमीन मामले से जुड़े रुपये सौंपने पहुंचे थे। शुक्रवार को मिदनापुर की अदालत में पेश रिमांड नोट में सीआईडी ने बताया कि सुमित राय का बयान बीएनएसएस की धारा 180 के तहत दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी के मुताबिक, रॉय ने पूछताछ में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया है। इसके बावजूद सीआईडी ने मामले की वित्तीय और आपराधिक कड़ियों को जोड़ने के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ की मांग की। मिदनापुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक लोक अभियोजक सैयद नाजिम हबीब ने सीआईडी की जांच से जुड़े तथ्यों को रखा। अदालत ने रॉय को आठ दिनों की सीआईडी हिरासत में भेज दिया। हालांकि, उनके अधिवक्ता को प्रतिदिन 20 मिनट कानूनी परामर्श की अनुमति दी गई है। यह मामला सालबनी के सीतारामपुर मौजा में नौ प्लॉटों में फैली करीब 420 दशमलव जमीन के कथित फर्जी अधिग्रहण और हेरफेर से जुड़ा है। सीआईडी इस पूरे मामले में पैसों के लेनदेन और कथित लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है।
जांच एजेंसी ने सुमित राय के वर्ष 2018 से अब तक के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का ब्योरा भी मांगा है। सीआईडी को आशंका है कि वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल से जमीन सौदे से जुड़े पैसों के प्रवाह और मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। अब राय से होने वाली पूछताछ को जांच का अहम चरण माना जा रहा है। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि जमीन मामले में कथित रकम का लेनदेन किन लोगों के बीच हुआ, इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे और कथित तौर पर इससे किसे लाभ मिला।