

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को सीआईडी ने उनके कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें एक नयी नोटिस सौंपी। अब डायमंड हार्बर के सांसद को लगातार तीन दिनों (14, 15 और 16 जून) तक अलग-अलग केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होना होगा।
क्या है नया मामला?
सीआईडी की यह ताजा कार्रवाई लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और उकसाने वाले बयान देने के मामले में हुई है। इस संबंध में बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद विधाननगर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस जांच कर रही थी, जिसे बीते बुधवार को सीआईडी ने अपने हाथ में ले लिया। शुक्रवार दोपहर करीब 3.50 बजे अभिषेक कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर एक पूर्व निर्धारित बैठक के लिए निकले थे। इसके ठीक बाद शाम 4.40 बजे सीआईडी की टीम नोटिस देने उनके पटुआपाड़ा स्थित घर पहुंची। सांसद की अनुपस्थिति के कारण उनके कार्यालय कर्मियों और वकीलों ने अधिकारियों से मुलाकात कर असमंजस दूर करने का प्रयास किया। इस दौरान कालीघाट इलाके में काफी राजनीतिक तनाव देखा गया और भारी संख्या में समर्थक वहां जमा हो गए।
'जांच से कभी नहीं भागा, हमेशा करूंगा सहयोग'
शाम को करीब दो घंटे बाद जब अभिषेक बनर्जी बैठक से लौटे, तो सीआईडी का दल दोबारा उनके द्वार पर पहुंचा। इस बार जांच अधिकारियों ने सीधे सांसद को नोटिस सौंपी, जिसे उन्होंने हस्ताक्षर करके प्राप्त किया। इसके बाद ही टीम वहां से रवाना हुई। सीआईडी ने उन्हें इस नए मामले में 16 जून को तलब किया है। नोटिस मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं जांच से कभी पीछे नहीं हटा और हमेशा पूरा सहयोग किया है। गुरुवार को भी अदालत के निर्देश पर मैं भवानी भवन गया था, जहां साढ़े पांच घंटे पूछताछ हुई। आज जब मैं पार्टी सुप्रीमो के घर बैठक में था, तब मुझे सीआईडी के आने की सूचना मिली। मैंने सचिव के माध्यम से संदेश भिजवाया था कि या तो वे किसी कर्मचारी को नोटिस दे दें या फिर मेरे लौटने का इंतजार करें। मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। ’’