फर्जी हस्ताक्षर मामले में विधानसभा पहुंचे सीआईडी अधिकारी

विधानसभा के सेक्रेटरी से की बातचीत
फाइल फोटो
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता की नियुक्ति के लिए विधायकों के हस्ताक्षर में कथित जालसाजी की जांच के सिलसिले में सीआईडी अधिकारियों की एक टीम ने सोमवार को विधानसभा का दौरा किया। एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी अधिकारियों की एक टीम सोमवार दोपहर करीब दो बजे विधानसभा पहुंची। माना जा रहा है कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पद के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के नाम वाले प्रस्ताव की प्रति के बारे में जानकारी हासिल करने के वास्ते अध्यक्ष के सचिवालय से संपर्क किया। सीआईडी की टीम कई हफ्तों से प्रस्ताव वाले कागजात की तलाश कर रही है।

सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच कई स्तर पर आगे बढ़ रही है। हम दस्तावेजी सबूतों की तलाश कर रहे हैं, बयानों की पुष्टि कर रहे हैं और घटनाओं का पूरा क्रम जानने की कोशिश कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान सामने आई कुछ विसंगतियों पर गौर कर रहे हैं।’’ सीआईडी ने इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और तृणमूल के बेलियाघाटा विधायक कुणाल घोष से रविवार को पूछताछ की थी।

पिछले हफ्ते, सीआईडी के जांचकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में तलाशी ली, लेकिन खबरों के मुताबिक उन्हें वह दस्तावेज नहीं मिला। उन्होंने शहर के दक्षिणी हिस्से में कैमेक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की भी तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी से बार-बार पूछा गया कि प्रस्ताव की प्रति कहां है, लेकिन जांचकर्ता कोई पुख्ता जानकारी नहीं जुटा पाए। माना जा रहा है कि अभिषेक ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। रविवार को घोष और अभिषेक बनर्जी से संयुक्त रूप से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने दस्तावेजी सबूतों के लिए अपनी खोजबीन का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया जिसके बाद सोमवार को विधानसभा का दौरा किया गया। सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के लिए, प्रस्ताव वाला दस्तावेज महत्वपूर्ण है। तथ्यों का पता लगाने के लिए हम संबंधित संस्थाओं से सभी उपलब्ध रिकॉर्ड और जानकारी जुटा रहे हैं।’’


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