

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: भारत-बांग्लादेश सीमा पर 31 मार्च से पहले बीएसएफ को जमीन देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ममता ने साफ कहा कि राज्य पहले ही सीमा सुरक्षा सहित कई केंद्रीय परियोजनाओं के लिए जमीन दे चुका है और अब पूरी जमीन सौंपना संभव नहीं है।
सीएम ने कहा, हमने केवल सीमा के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला, तेल, एसएसबी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और रेलवे को भी जमीन दी है। क्या हम अपनी पूरी जमीन दे दें? उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले ही सीमा का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र बढ़ाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले बीएसएफ सीमा से 15 किलोमीटर के भीतर ही काम कर सकती थी, लेकिन अब उसकी सीमा 50 किलोमीटर तक बढ़ा दी गई है। इसके चलते बीएसएफ गांवों में जाकर लोगों को डराने और परेशान करने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर आम लोगों पर गोली चलाने जैसी घटनाएं भी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि सीमा पर फेंसिंग की जिम्मेदारी राज्य सरकार को दी जाती है, तो बंगाल यह काम करने को तैयार है। हालांकि, इसके लिए जरूरी फंड केंद्र सरकार को उपलब्ध कराना होगा। ममता ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर आम लोगों को परेशान करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।