

कोलकाता : सेंसस ऐक्य मंच के कर्मियों ने शुक्रवार की शाम विभिन्न मांगों को लेकर केएमसी (कोलकाता नगर निगम) कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षा कर्मी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सेंसस कार्य के दौरान उन्हें ऑन ड्यूटी का लाभ नहीं दिया गया, तो वे जनगणना का कार्य नहीं करेंगे।
सेंसस कार्य के लिए सरकार की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए
कर्मियों का कहना था कि सेंसस जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए सरकार की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना कार्य के लिए एंड्रॉयड मोबाइल फोन उपलब्ध कराने अथवा उससे संबंधित स्पष्ट व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। उनका कहना था कि बिना आवश्यक संसाधनों के कार्य करना संभव नहीं है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो राज्यभर के करीब दो लाख सेंसस कर्मी जनगणना कार्य का बहिष्कार करेंगे, जिससे सेंसस प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
शिक्षक काकोली मंडल ने यह कहा :
इस मौके पर काकोली मंडल ने बताया कि सेंसस प्रमुख भास्कर भट्टाचार्य से मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को प्रशासनिक अधिकारी (एडमिनिस्ट्रेटर) से मिलकर अपनी मांगें रखने की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।