

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीबीआई अकादमी, गाजियाबाद में 134 उप-निरीक्षकों के रिकॉर्ड बैच की पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में निदेशक, सीबीआई श्री प्रवीण सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह पासिंग आउट परेड उन 134 उप-निरीक्षकों के कठोर परिश्रम और समर्पित प्रशिक्षण की परिणति है, जिन्होंने 15 मई, 2025 को सीबीआई अकादमी में अपना मूल प्रशिक्षण प्रारंभ किया था। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विधि एवं जांच कौशल, भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की जांच, पारंपरिक अपराधों, खुफिया जानकारी का संकलन, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, बैंक धोखाधड़ी, मोबाइल फॉरेंसिक्स, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं फॉरेंसिक साइंस आदि विषयों पर व्यापक संस्थागत प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से सीबीआई शाखाओं, न्यायालयों, स्थानीय पुलिस थानों, एनएफएसयू, एम्स, सेबी आदि संस्थानों में फील्ड अटैचमेंट एवं अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। इस मूल प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में उच्चतम स्तर की पेशेवर ईमानदारी, नैतिकता, मानवाधिकारों के प्रति सम्मान एवं अनुशासन की भावना विकसित करना रहा।
समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक, सीबीआई प्रवीण सूद ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी तथा उनके परिवारजनों के सहयोग और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सीबीआई अकादमी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा उप-निरीक्षक बैच है। उन्होंने इस बैच में 18 महिला अधिकारियों की उपस्थिति को संगठन में बढ़ती लैंगिक विविधता का प्रतीक बताया।
श्री सूद ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में सीबीआई अकादमी को क्षमता निर्माण आयोग द्वारा 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है, जो प्रशिक्षण गुणवत्ता एवं संस्थागत उत्कृष्टता की मान्यता है।
नव-नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए निदेशक, सीबीआई ने कहा कि पासिंग आउट परेड के साथ प्रशिक्षण समाप्त नहीं होता, बल्कि वास्तविक सीख फील्ड में शुरू होती है। उन्होंने आजीवन सीखने की मानसिकता अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पुलिसिंग में चुनौतियां निरंतर बदलती रहती हैं और इसका कोई निश्चित पाठ्यक्रम नहीं होता।
आधुनिक जांच में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री सूद ने अधिकारियों को जांच में तकनीक, विशेष रूप से एआई का सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक मानव विवेक का स्थान नहीं ले सकती, बल्कि जांच को तेज और प्रभावी बनाने में सहायक होती है, विशेषकर बड़े डिजिटल डाटा के विश्लेषण में।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
सत्यव्रत सिंह को डी.पी. कोहली अवार्ड (सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण उप-निरीक्षक प्रशिक्षु) एवं डीसीबीआई ट्रॉफी (इनडोर स्टडीज) प्रदान की गई।
साहित्य जी. को साइबर अपराध जांच ट्रॉफी प्रदान की गई।
शेखर बलियान को जॉन लोबो ट्रॉफी (सर्वश्रेष्ठ आउटडोर) प्रदान की गई।
रक्षित कुमार को सीबीआई अकादमी ट्रॉफी (निष्ठा एवं अनुकरणीय आचरण) से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर निदेशक, सीबीआई ने सीबीआई अकादमी में नव-विकसित “ट्रेनिंग एंड रिसर्च इन एडवांस साइबर एविडेंस (TRACE) प्रयोगशाला” का उद्घाटन भी किया। यह प्रयोगशाला साइबर अपराध जांच, डिजिटल फॉरेंसिक्स एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के प्रबंधन हेतु व्यावहारिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। यहां वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्य की जब्ती से लेकर न्यायालय में प्रस्तुति तक की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।
समारोह में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें विशेष निदेशक मनोज शशिधर, विशेष निदेशक संपत मीणा, अतिरिक्त निदेशक एन. वेंकटगोपल एवं अतिरिक्त निदेशक ए.वाई.वी. कृष्णा सहित अन्य विभागों एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।