पशु वध गाइडलाइन से कारोबार प्रभावित, सरकार ने दिया आश्वासन

बकरीद से पहले बंगाल में पशु बाजार संकट में
अग्निमित्रा पाल
अग्निमित्रा पाल
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कोलकाता : बकरीद से पहले बंगाल में पशु खरीद-बिक्री लगभग ठप पड़ने से पशुपालकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। राज्य सरकार की हालिया ‘पशु वध संबंधी गाइडलाइन’ को लेकर फैली भ्रम की स्थिति के कारण कई जिलों में मवेशियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। खासकर मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सोमवार को नवान्न में कैबिनेट बैठक के बाद राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट करने के लिए सरकार कोई ठोस योजना घोषित करेगी। मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार कानूनी दिशा-निर्देशों और धार्मिक भावनाओं दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

दरअसल, 13 मई को जारी सरकारी अधिसूचना के बाद पशु वध और कुर्बानी को लेकर कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। इससे न केवल कारोबार प्रभावित हुआ बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर भी संशय बढ़ा।

इस बीच पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निर्धारित स्थान चिह्नित करने की मांग की है। अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री के अगले फैसले पर टिकी हैं, जिससे ईद से पहले जारी अनिश्चितता खत्म हो सके।

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