कलकत्ता हाईकोर्ट ने होटल बंद करने के नोटिस को बताया ‘अचानक उठाया गया कदम’

न्यू मार्केट के छह और होटल खुले
Kolkata
कलकत्ता हाईकोर्ट
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कोलकाता: न्यू मार्केट और आसपास के इलाकों में होटल बंद करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने बंदी के नोटिस को अचानक जारी किया गया कदम बताते हुए प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। इस बीच, न्यू मार्केट इलाके के छह और होटलों को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई है।

इससे लंबे समय से कारोबार प्रभावित होने के कारण परेशान होटल संचालकों और कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अगस्त में फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित शिखा इन होटल में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत के बाद कोलकाता नगर निगम (KMC) और दमकल विभाग ने शहर के कई होटलों में अग्नि सुरक्षा की जांच शुरू की थी।

अग्निकांड के बाद सख्त हुई थी प्रशासन की कार्रवाई

19 अगस्त को शिखा इन होटल में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने न्यू मार्केट, मार्क्विस स्ट्रीट और मिर्जा गालिब स्ट्रीट सहित कई इलाकों में होटलों और गेस्ट हाउसों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और भवन संबंधी नियमों में कथित खामियां मिलने पर अनेक प्रतिष्ठानों को बंद करने के नोटिस दिए गए।

इस कार्रवाई से इलाके के होटल कारोबार पर व्यापक असर पड़ा और बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों को भी ठहरने की व्यवस्था करने में कठिनाई हुई।

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

होटल संचालकों ने प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती दी। होटल सम्राट से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने बंद करने के नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। अदालत की मुख्य चिंता यह थी कि संबंधित पक्ष को पर्याप्त अवसर दिए बिना कार्रवाई करना उचित है या नहीं।

हालांकि, किसी एक होटल के मामले में राहत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी बंद हो चुके होटलों को स्वतः संचालन की अनुमति मिल गई है। प्रत्येक प्रतिष्ठान को लागू नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना होगा।

छह और होटल खुलने से कारोबार को राहत की उम्मीद

न्यू मार्केट क्षेत्र के छह अतिरिक्त होटलों के दोबारा खुलने से होटल व्यवसायियों को कारोबार में सुधार की उम्मीद है। इस इलाके में बांग्लादेशी पर्यटकों के अलावा चिकित्सा उपचार, खरीदारी और घूमने के लिए आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में ठहरते हैं।

होटलों के बंद रहने से आसपास की दुकानों, रेस्तरां और परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा था। होटल संचालकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए कारोबार को सामान्य स्थिति में लाना है। प्रशासन की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच होटल उद्योग को उम्मीद है कि नियमों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों को काम करने का अवसर मिलेगा।

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