

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस अमृता सिन्हा ने पुलिस भर्ती परीक्षा के नतीजों के प्रकाशन पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड को निर्देश दिया है कि तब तक भर्ती प्रक्रिया के परिणाम प्रकाशित न किए जाएं। यह मामला आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को आरक्षण देने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में दायर किया गया था।
पिटीशन में कहा गया है कि EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए वर्ष 2023-24 की आय और संपत्ति से संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया था। कोर्ट की ओर से इस संबंध में निर्देश भी दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रमाणपत्र जमा करने के लिए एक निश्चित अंतिम तिथि तय की जानी चाहिए थी, लेकिन इस संबंध में समय-सीमा स्पष्ट नहीं रखी गई।
पिटीशनरों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि प्रमाणपत्र जमा करने की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी कई उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र स्वीकार किए गए। याचिकाकर्ताओं ने इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी उम्मीदवारों के लिए नियम समान होने चाहिए और अंतिम तिथि के बाद दस्तावेज स्वीकार करने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
मामले की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस अमृता सिन्हा ने पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड को 30 सितंबर तक भर्ती के नतीजे जारी नहीं करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब EWS आरक्षण और प्रमाणपत्रों की जांच से जुड़े मुद्दे पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।