

कोलकाता : महानगर में लोन दिलाने के बहाने एक कारोबारी से चेक लेकर 'वैनिशिंग इंक' के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। शातिरों ने महज 165 रुपये के चेक को जालसाजी से करीब एक लाख रुपये में बदल दिया। इस संबंध में पीड़ित कारोबारी वेदांत जैन ने करया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के अनुसार, पीड़ित वेदांत जैन ने बताया कि बीते 21 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे उनके कार्यालय में एक अज्ञात युवक आया। उसने खुद को प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारी के दफ्तर का चपरासी बताया। आरोपित ने कारोबारी को बिना किसी गारंटी के लोन दिलाने का झांसा दिया। इस लोन के सिलसिले में पीड़ित कारोबारी लगातार एक मोबाइल नंबर के संपर्क में भी थे। लोन की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बहाने आरोपित युवक ने कारोबारी से उनके कई संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर लिए। लोन के बहाने तमाम दस्तावेज और प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 165 रुपये का चेक लेकर आरोपित वहां से रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
'वैनिशिंग इंक' से 2 घंटे में साफ हुआ खाता
जालसाजी का असली और खौफनाक खेल चेक सौंपने के ठीक बाद शुरू हुआ। चेक लेकर जाने के महज 2 घंटे के भीतर ही पीड़ित कारोबारी के फोन पर बैंक से पैसे कटने का अलर्ट मैसेज आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। जांच करने पर पता चला कि आरोपितों ने 165 रुपये वाले चेक पर लिखी रकम और नाम को 'वैनिशिंग इंक' का इस्तेमाल कर मिटा दिया था। इसके बाद शातिरों ने उस असली चेक पर नया नाम और बड़ी रकम दर्ज कर दी। आरोपितों ने इस बदले हुए चेक के जरिए प्राइवेट बैंक की शरत बोस रोड शाखा से 98,850 रुपये की नकदी निकाल ली। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाते, उनके खाते से करीब एक लाख रुपये साफ हो चुके थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर के आधार पर शातिर जालसाजों की तलाश शुरू कर दी है।