

कोलकाता : महानगर क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर एक व्यवसायी से 3.40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में अनुबल मंडल ने काशीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने इसे पूरी तरह से सुनियोजित धोखाधड़ी और जालसाजी करार दिया है तथा पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, कुछ दिन पहले पीड़ित व्यवसायी के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए व्यवसाय के विस्तार के लिए उन्हें लोन देने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार पीड़ित को फोन आने लगे। कॉल करने वाले लोग लोन की प्रक्रिया को आसान और शीघ्र बताकर विश्वास दिलाते रहे।
कुछ समय बाद कथित फाइनेंस संस्था का एक व्यक्ति स्वयं पीड़ित के कार्यालय पहुंचा और लोन से संबंधित औपचारिक चर्चा की। इसके साथ ही दो अन्य लोग भी वहां पहुंचे, जिन्होंने खुद को उसी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर लोन की प्रक्रिया के नाम पर पीड़ित से आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी प्रमाणपत्र, ट्रेड लाइसेंस, पासपोर्ट साइज फोटो सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
पीड़ित व्यवसायी ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 के आसपास जब उन्होंने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट चेक किया, तो वह चौंक गए। स्टेटमेंट से पता चला कि उनके खाते से फर्जी चेक के माध्यम से कुल 3,40,000 रुपये की निकासी कर ली गई है। इस निकासी की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी और न ही उन्होंने किसी को इस तरह का अधिकार दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपितों ने पहले विश्वास जीतकर जरूरी दस्तावेज हासिल किए और फिर फर्जी तरीके से बैंक खाते से रकम निकाल ली। उन्होंने इसे एक संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई धोखाधड़ी बताया है। काशीपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपितों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।