बजट 2026 : डानकुनी (ईस्ट)–सूरत (वेस्ट) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को मिली मंजूरी

माल ढुलाई होगी तेज, पूर्व–पश्चिम भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगी नयी रफ्तार
बजट 2026 : डानकुनी (ईस्ट)–सूरत (वेस्ट) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को मिली मंजूरी
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्र सरकार ने आम बजट 2026 में देश के पूर्वी हिस्से, विशेषकर बंगाल के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की घोषणा की है। बजट में तीन महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, जिनका उद्देश्य देशभर में माल ढुलाई को तेज, सुगम और निर्बाध बनाना, साथ ही औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को नयी ऊंचाई देना है। बजट का सबसे अहम ऐलान डानकुनी (ईस्ट) से सूरत (वेस्ट) तक नये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के निर्माण को लेकर किया गया है। यह कॉरिडोर सड़क परिवहन की स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें केवल मालगाड़ियों के लिए अलग और समर्पित रेलवे ट्रैक बनाए जाएंगे। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण से यात्री और मालगाड़ियों के बीच होने वाले हस्तक्षेप की समस्या समाप्त होगी। इससे कोयला, स्टील, सीमेंट, कंटेनर, उर्वरक और अन्य औद्योगिक सामान की ढुलाई तेज और अधिक समयबद्ध हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पूर्व और पश्चिम भारत के बीच लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। डानकुनी औद्योगिक क्षेत्र को देश के पश्चिमी औद्योगिक हब सूरत से सीधे जोड़ने वाला यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी साबित होगा। इसके जरिए बंदरगाहों, औद्योगिक क्लस्टरों और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्कों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।


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