कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की आंखों के जटिल इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति खारिज होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने सुझाव दिया कि यदि अभिषेक का इलाज किसी विदेशी विशेषज्ञ से ही संभव है, तो उस डॉक्टर को भारत बुलाया जाए। नौशाद ने कहा कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर के हवाई सफर और अन्य खर्च में उनकी पार्टी सहयोग करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वह कानूनी पहलुओं पर टिप्पणी नहीं करेंगे। उनका सुझाव है कि जिस चिकित्सक से अभिषेक अमेरिका में इलाज कराते रहे हैं, उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल बुलाकर वहीं उपचार कराया जाए।
उधर, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए दावा किया कि यदि अभिषेक को विदेश जाने की अनुमति मिलती, तो उनके नहीं लौटने की आशंका रहती।
उन्होंने कहा कि देश में कई प्रतिष्ठित नेत्र अस्पताल उपलब्ध हैं, फिर भी केवल विदेश में इलाज कराने पर जोर देना सवाल खड़े करता है। उन्होंने चिकित्सकीय दस्तावेजों और विदेशी डॉक्टर के पंजीकरण पर भी सवाल उठाए।
वहीं, तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि यह पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। उन्होंने कहा कि अभिषेक की बीमारी दुर्लभ और जटिल है तथा मरीज को अपनी पसंद के विशेषज्ञ से इलाज कराने का अधिकार है।