कोलकाता : सिटी सेशन कोर्ट और सिविल कोर्ट के जज को ई-मेल मिला। मेल देखते ही सभी के होश उड़ गए। मजमून था कि कुछ ही देर में अदालत के कक्षों को बम से उड़ा दिया जाएगा। यह खबर दावानल की तरह पूरे शहर में फैल गई। बात यहीं नहीं थमी कुछ ही देर में जिलों की अदालतों से यही खबर आने लगी। मजमून में थोड़ा फर्क था। कहीं बमविस्फोट तो कहीं आरडीएक्स का इस्तेमाल की जाने की बात कही गई थी। खबर मिलते ही पुलिस के आला अफसर सिटी सेशन कोर्ट में पहुंच गए। कमरों को खाली कराने के साथ ही बम स्क्वाड और स्नीफर डॉग की मदद से तलाशी लेने का काम शुरू हो गया। बहरहाल शाम होते-होते अफवाह दम तोड़ गई, पर पूरे दिन अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पश्चिम बर्दवान जिला एवं सत्र न्यायालय, हुगली का चूंचूड़ा कोर्ट और मुर्शिदाबाद जिला अदालत से भी इसी तरह की खबरें आने लगी। शासन सतर्क हो गया। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। सभी अदालतों में सघन तलाशी अभियान शुरू हो गया। जजों को एसआईआर के काम से जोड़ दिए जाने के कारण न्यायिक कामकाज तो कमोबेश ठप ही हो गया है। बम विस्फोट की अफवाह के बाद तो जो थोड़ा बहुत चल रहा था वह भी थम गया। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने नवान्न में कहा कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने को जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगा रहे हैं कि यह किसी की खुराफात है या इसमें कोई समूह शामिल है। डीजीपी पीयूष पांडे और कोलकाता के सीपी सुप्रतिम सरकार भी उनके साथ थे। मुख्य सचिव ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े जजों और अन्य को सुरक्षा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सिटी सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार ने ई-मेल भेजने के मामले में हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज करायी है। कोलकाता पुलिस की एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पश्चिम बर्दवान जिला एवं सेशन कोर्ट के चीफ जज को सुबह करीब 11 बजे एक ई-मेल मिला। इसका मजमून था कि अदालत परिसर में बम रखा गया है और दोपहर एक बजे विस्फोट होगा। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया। तलाशी शुरू कर दी गई। दुर्गापुर अदालत में भी धमकी वाला ई-मेल भेजा गया था। हालांकि अभी तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है । हुगली के चूंचूड़ा अदालत में भी जिला जज को ई-मेल भेजकर आरडीएक्स विस्फोट की धमकी दी गई। पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक को तत्काल इसकी जानकारी दी गई। चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के स्पेशल ब्रांच ने अदालत परिसर के चप्पे चप्पे की तलाशी शुरू कर दी। प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई। यह सुनिश्चित किया कि अफवाह के कारण दहशत नहीं फैले। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने पत्रकारों से कहा कि हर प्रकार की सुरक्षा दी जाएगी। एसआईआर के कार्य को प्रभावित नहीं होने देंगे। डीजीपी पीयूष पांडे ने कहा कि पुलिस पूरी तरह तैयार है। सीपी सुप्रतिम सरकार ने कहा कि ई-मेल कहां से भेजे गए हैं इसकी जांच साइबर सेल कर रही है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कई जिला अदालतों के जज एसआईआर से जुड़े कार्य की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह एसआईआर को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया गया।