विधाननगर नगर निगम में मेयर परिषद की बैठक रद्द

कमिश्नर-डिप्टी कमिश्नर समेत बड़े अधिकारी रहे नदारद
फाइल फोटो
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विधाननगर : विधाननगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में पार्षदों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चल रहा अंदरूनी गतिरोध सोमवार को खुलकर सामने आ गया। निगम की बेहद महत्वपूर्ण 'मेयर परिषद सदस्य' की बैठक को अचानक रद्द करना पड़ा, क्योंकि निगम के कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, फाइनेंस ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत तमाम आला अधिकारी इस बैठक में शामिल ही नहीं हुए।

अधिकारियों में डर का माहौल, 'जबरन काम कराने' का आरोप

बिधाननगर नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सरकारी अधिकारी कथित तौर पर डर के माहौल में काम कर रहे हैं। अंदरूनी सूत्रों का आरोप है कि पिछली व्यवस्था के दौरान मेयर या मेयर परिषद के सदस्यों द्वारा कई बार नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों से जबरन काम कराए जाते थे। इसी दबाव और बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के कारण अधिकारियों ने आज की इस महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बना ली। दूसरी ओर, उपजे विवाद और कयासों पर पर्दा डालते हुए विधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने प्रशासनिक मोर्चे पर किसी भी तरह के मतभेद से साफ इनकार किया है। उन्होंने मीडिया को बताया, ‘निगम में जो नए कमिश्नर आए हैं, उनका पहले से ही कोई अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम तय था। इसी पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण वह आज की बैठक में शामिल नहीं हो सके और इसी वजह से बैठक को स्थगित करना पड़ा।’ मेयर ने यह भी स्पष्ट किया कि कमिश्नर ने अपनी अनुपस्थिति को देखते हुए नगर पालिका के एक अन्य अधिकारी को इस बैठक में प्रतिनिधित्व करने के लिए कहा था, लेकिन तकनीकी रूप से वह अधिकारी इस उच्च स्तरीय बैठक के लिए 'ऑथराइज्ड' नहीं था, जिसके चलते बैठक आगे नहीं बढ़ सकी।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा का बाजार गर्म

मेयर भले ही इस मामले को सामान्य बता रही हों, लेकिन म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के गलियारों में चर्चा है कि यह महज एक संयोग नहीं बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच जारी 'शीत युद्ध' का नतीजा है। सरकार बदलने के बाद से ही निगम के भीतर फाइलों की जांच और प्रशासनिक कामकाज को लेकर खींचतान चल रही थी, जो सोमवार को अधिकारियों के सामूहिक रूप से नदारद रहने के बाद पूरी तरह से सतह पर आ गई है। अब देखना यह होगा कि इस गतिरोध को दूर करने के लिए राज्य नगर विकास विभाग क्या कदम उठाता है।

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