

कोलकाता : अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने अपने कर्मठ, युवा, उत्साही एवं देशभक्ति से ओतप्रोत हजारों-हजारों युवाओं के सकारात्मक सक्रिय सहयोग से आज रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 का आयोजन किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल राज्य के कोच अमिताभ दस्सानी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 200 शिविर आयोजित किए जहां 5000 से अधिक रक्तदान किए गये जिनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोल इंडिया मुख्यालय, कोलकाता वह बागडोगरा हवाई अड्डे, मेट्रो रेल भवन इत्यादि में प्रतिष्ठित शिविर शामिल हैं। इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए एनडीआरएफ, आरपीएफ, बीएसएफ आदि विभिन्न अन्य संगठनों द्वारा भी समर्थन दिया गया है।
पूर्व बंगाल के संयोजक सुनील दुगड़ ने बताया की इस बार अनेक युवा ने प्रथम बार रक्तदान करने का दायित्व निभाया और हमें खुशी है कि हम एक नई ऊर्जा इन युवा पीढ़ी में भर पा रहे हैं और देश को रक्त की कमी से दूर करने की इस मुहिम को सफल बनाने की ओर अग्रसर है। राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर अनंत बागरेचा ने रक्तदान अमृत महोत्सव की महासफलता पर सभी को बधाई ज्ञापित करते हुए यह आश्वासन दिया कि हमारी संस्था आगे भी राष्ट्रीय स्तर में मानव सेवा के कार्य की ओर बढ़ती जाएगी।
पश्चिम बंगाल के संयोजक रोहित दुगड़ के साथ अन्य प्रमुख एमबीडीडी संयोजकों में राजीव बोथरा, नवीन सिंघी, नमन जम्मड़, संदीप डागा, सुमित कोठारी अन्य सदस्य गण के साथ उपस्थित थे।
विश्व में एक दिन में सर्वाधिक रक्तदान एकत्रित करने वाली संस्था अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने अपने कर्मठ, युवा, उत्साही एवं देशभक्ति से ओतप्रोत हजारों-हजारों युवाओं के सकारात्मक सक्रिय सहयोग से देश के नगरों, महानगरों, कस्बों तथा सुदूर ग्रामीण अंचलों में फैली 350 से अधिक शाखाओं के बल पर रक्तदान के महाअभियान रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 के माध्यम से "रक्तदान का नया इतिहास" रचने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं । हमारा लक्ष्य देश और विदेश में प्रवासित भारतीय नागरिकों के माध्यम से 7500 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन कर अनुमानतः 300000 यूनिट से अधिक रक्तदान करवाना है । विशेष उल्लेखनीय हैं कि न केवल भारत में अपितु विदेशों में प्रवासित भारतीय नागरिकों के माध्यम से लगभग 75 देशों शिविर आयोजित करवा कर गौरवशाली सनातन परंपरा "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को साकार रूप प्रदान करना है ।