पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन के महासचिव को महिला ने जड़ा थप्पड़, अंडे भी फेंके

पोस्ता बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद, एसोसिएशन ने बाजार बंद रखने की घोषणा की
 गुरुवार को पोस्ता बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के ऑफिस  में विश्वनाथ अग्रवाल से की गयी मारपीट
गुरुवार को पोस्ता बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के ऑफिस में विश्वनाथ अग्रवाल से की गयी मारपीट गुरुवार को पोस्ता बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के ऑफिस में विश्वनाथ अग्रवाल से की गयी मारपीट
Published on

कोलकाता : महानगर के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र पोस्ता में गुरुवार की दोपहर पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन के कार्यालय में घुसकर कुछ लोगों ने महासचिव विश्वनाथ अग्रवाल के साथ मारपीट की। आरोप है कि विश्वनाथ अग्रवाल को महिला ने थप्पड़ जड़ा और उनके ऊपर अंडे भी फेंके गये। घटना के बाद विश्वनाथ अग्रवाल को अस्पताल ले जाया गया। मौके पर पहुंची जोड़ाबागान थाने की पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। इसे लेकर बाजार के व्यवसायियों में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष सीतानाथ घोष ने बताया कि विश्वनाथ अग्रवाल पर हमले की घटना निंदनीय है। हमलावरों की गिरफ्तारी होने तक एसोसिएशन ने अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा शुक्रवार की दोपहर पोस्ता बाजार में शहर के सभी व्यावसायिक संगठनों की बैठक बुलायी गई। इस बैठक में आगे की कार्रवाई को लेकर व्यवसायी संगठन निर्णय लेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि विश्वनाथ अग्रवाल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

यह है आरोप

विश्वनाथ अग्रवाल ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना गुरुवार की दोपहर करीब 1.20 बजे की है। वह एसोसिएशन के स्ट्रैंड रोड स्थित प्रशासनिक कार्यालय में अपना रोजाना का काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 लोगों की भीड़ बिना अनुमति के जबरन दफ्तर में घुस आई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कोई अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि जान से मारने की नीयत से रची गई एक सोची-समझी आपराधिक साजिश थी। आरोप है कि कार्यालय में घुसते ही उग्र भीड़ ने विश्वनाथ अग्रवाल को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ अभद्र व गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग किया गया। भीड़ ने उन्हें मौके पर ही जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हमलावरों ने उन पर क्रूरतापूर्वक शारीरिक हमला कर दिया। हमलावरों ने उन पर अंडे और कई अन्य अज्ञात खतरनाक चीजें भी फेंकीं। गनीमत रही कि दफ्तर में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया, जिससे उनकी जान बच सकी। हमले के बाद पीड़ित विश्वनाथ अग्रवाल को घबराहट और उच्च रक्तचाप की शिकायत के कारण अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उनका ईसीजी व अन्य परीक्षण किए गए। शिकायतकर्ता ने हमले में शामिल भीड़ में कुछ लोगों की पहचान की है। बाकी के हमलावरों की पहचान कार्यालय में लगे सीसीटीवी की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए करने की मांग की गई है। मार्केट एसोसिएशन के महासचिव ने इस मामले में पुलिस को आपराधिक साजिश, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, दंगा भड़काने, जबरन दफ्तर में घुसने, बुजुर्ग पर हमला करने और आपराधिक धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर एक प्रतिष्ठित व्यापारी संगठन के पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो कानून-व्यवस्था का क्या होगा? पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in