बीरभूम में ‘जीरो टॉलरेंस’: पोस्ट-पोल हिंसा के चेहरों से लेकर नशीले काले कारोबार तक के माफिया नपे

30 दिनों की बड़ी कार्रवाइयों पर एक नजर
फाइल फोटो
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| अपराध का प्रकार | दर्ज मामले | गिरफ्तारियां |

| पोस्ट पोल हिंसा            | 170 | 175 |

| अवैध आबकारी (शराब) | 130 | 140 |

| अवैध खनन (बालू/पत्थर/कोयला)| 100 | 70+ |

| हथियार व विस्फोटक | 29 | 28            |

| मादक पदार्थ (NDPS) | 22 | 26            |

| फर्जी लॉटरी गिरोह | 18 | 31            |

बीरभूम : जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों और संगठित अपराध के सिंडिकेट पर जिला पुलिस ने आक्रामक हंटर चला दिया है। पिछले 30 दिनों के भीतर चलाए गए एक विशेष अभियान में पुलिस ने ड्रग्स तस्करों, अवैध खनन माफियाओं, फर्जी लॉटरी गिरोह और पोस्ट पोल हिंसा के आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए सैकड़ों लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम जारी रहेगा।

ड्रग्स और अवैध शराब के नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 22 मामले दर्ज कर 26 बड़े तस्करों को दबोचा है। इनके पास से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, गांजा, प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली गोलियां बरामद की गई हैं। वहीं, आबकारी कानून के तहत 130 से अधिक केस दर्ज कर 140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करीब 4,000 लीटर अवैध शराब जब्त की गई।

1 करोड़ के फर्जी लॉटरी टिकट और हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस ने राज्य में चल रहे फर्जी लॉटरी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 18 एफआईआर दर्ज की हैं और 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य के जाली लॉटरी टिकट जब्त किए गए। सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ी सफलता अवैध हथियारों के खिलाफ मिली, जहां 29 मामलों में 28 लोगों को गिरफ्तार कर भारी संख्या में आग्नेयास्त्र, जिंदा कारतूस, देशी बम और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

खनन माफियाओं की कमर तोड़ी, 150 वाहन जब्त

अवैध बालू, पत्थर और कोयले के काले खेल पर नकेल कसते हुए पुलिस ने 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर 70 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान अवैध परिवहन में लगे करीब 150 वाहनों को सीज कर दिया गया। मोहम्मद बाजार के तुलू मंडल और सैंथिया के अभिषेक मंडल जैसे नामी खनन माफियाओं के खिलाफ भी कड़े कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं।

पोस्ट पोल हिंसा के पुराने मामलों में ताबड़तोड़ एक्शन

पिछले वर्षों में हुई पोस्ट पोल हिंसा (चुनावी हिंसा) के मामलों को निपटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक महीने में 170 एफआईआर दर्ज कर 175 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये मामले हत्या, रंगदारी, तोड़फोड़ और यौन उत्पीड़न जैसे संगीन अपराधों से जुड़े हैं।

गिरफ्तार प्रमुख चेहरे:

पुलिस की हिट-लिस्ट में शामिल लाभपुर के अब्दुल मन्नान, मोहम्मद बाजार के काली बनर्जी व तपस सिन्हा, मयूरेश्वर के जतिलेश्वर मंडल, बोलपुर के विश्वज्योति बनर्जी, सूरी के पवित्र दास, मरग्राम के ताहिदुल शेख, शांतिनिकेतन के बाबू दास, बोलपुर के मामुन शेख, मल्लारपुर के आलमगीर शेख और तारापीठ के जियाउद्दीन हक जैसे नामचीन आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है।


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