सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तन्हाईयाँ
घर के कोने में
न सिसकियां
लिया करें,
गम के बादल से
दो-दो हाथ
किया करें।
तन्हाइयों को
अलविदा कह
दिया करें।
अकेलेपन में
शरारती दोस्तों को
याद कर लिया करें,
बंद आंखों से
उनकी गुस्ताखियां
दोहरा लिया करें।
घर में खुद को
न कैद किया करें,
बाहर की दुनिया
में भी सैर किया करें।
आपकी दुश्वारियां
तो बहुत छोटी हैं,
कई लोगों को
मुश्किल से मिलती
दो वक्त की रोटी है।
गम मिटाने के
कई तरीके हैं,
कदम मयखाने के
रास्ते न लिया करें।
राव विपिन कुमार...💐