

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को “पैसे के खेल” और खरीद-फरोख्त की राजनीति को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। मंगलवार को धर्मतल्ला में धरना कार्यक्रम समाप्त करते समय उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ लोगों को पैसे देकर खरीदने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने रामकृष्ण परमहंस का हवाला देते हुए कहा, “टाका माटी-माटी टाका”, यानी पैसा आता है और चला जाता है, लेकिन जो लोग पैसे लेकर बिक जाते हैं, वे समाज में हमेशा गद्दार के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से सम्मान के साथ राजनीति करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि अगर किसी को खरीदने की कोशिश होगी तो उस पर नजर रखी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसे खरीदने की कोशिश हुई है।
राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीएमसी के अंदर चर्चा है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कई मौजूदा विधायकों और कुछ मंत्रियों को टिकट नहीं मिल सकता। ऐसे में आशंका है कि कुछ नेता दूसरे रास्ते चुन सकते हैं। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि ममता का यह संदेश संभावित असंतोष और दल-बदल को रोकने के लिए था।