सावधान! दुर्गा पूजा के दौरान सक्रिय हो सकते हैं साइबर ठग

बारुईपुर पुलिस क्षेत्र में हर माह दर्ज हो रही हैं 10 करोड़ की साइबर ठगी की शिकायतें साइबर अपराध से बचने के लिए आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
बारुईपुर पुलिस के एसपी पलाश चंद्र ढाली को सम्मानित करते हुए एएसपी हेडक्वार्टर सौतम  बनर्जी
बारुईपुर पुलिस के एसपी पलाश चंद्र ढाली को सम्मानित करते हुए एएसपी हेडक्वार्टर सौतम बनर्जी
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

बारुईपुर: इन दिनों साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए पुलिस आम लोगों को समय-समय पर जागरूक कर रही है और उन्हें इस जाल से बचने की सलाह दे रही है। इसके बावजूद, बारुईपुर पुलिस क्षेत्र में साइबर अपराध के मामले कम नहीं हो रहे हैं। बारुईपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) पलाश चंद्र ढाली ने नरेंदपुर के महामायातल्ला स्थित जयहिंद वाहिनी ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में पहले जैसी डकैती और राहजनी की घटनाएं कम हो गई हैं, लेकिन इसके मुकाबले साइबर फ्रॉड की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। एसपी ढाली ने बताया कि बारुईपुर पुलिस जिले के अंतर्गत हर माह लगभग 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की घटनाएं दर्ज हो रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि सतर्कता से ही साइबर क्राइम से बचा जा सकता है।

साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय

आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सबसे पहले किसी भी प्रकार के लोभ या लालच में न आएं। लॉटरी, इनाम या नकद राशि का झांसा देने वाली बातों से सावधान रहें। यदि आपको किसी अनजान नंबर से ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी भरी कॉल आए, तो डरें नहीं, बल्कि तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। अपने मोबाइल पर आए ओटीपी या बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ये लिंक वायरस या ठगी से जुड़ी हो सकती हैं। पूजा कमेटियों के लिए विशेष सलाह दी गई है कि वे पंडालों में लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें, ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक अफवाह या डिजिटल छेड़छाड़ को रोका जा सके। सतर्कता ही सुरक्षा है।

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