

कोलकाता : बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने घटना के 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी है। बारुईपुर स्थित विशेष पॉक्सो अदालत में गत 31 अगस्त को चार्जशीट जमा की गयी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट में कुल 702 पन्ने हैं। पुलिस का दावा है कि शिकायत दर्ज होने के आठ सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में पेश की गयी। गत 4 जुलाई की रात से बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके की एक नाबालिग लापता थी। अगले दिन शाम को एक तालाब से उसका शव बरामद किया गया। आरोप लगा था कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गयी। घटना के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गयी। घटनास्थल के पुनर्निर्माण के दौरान आरोपी की मौत : पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई की रात घटना के पुनर्निर्माण के लिए प्रभास मंडल को ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने पुलिस की आग्नेयास्त्र छीनकर गोली चलायी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से प्रभास की मौत हो गयी। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में नाबालिग के शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आयी थी। चिकित्सकों ने अत्यधिक रक्तस्राव और पानी में डूबने से दम घुटने को मौत के संभावित कारणों के रूप में बताया था। जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग को बोरे में भरकर पानी में फेंके जाने से पहले उसके शरीर में जान थी। तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट : पुलिस सूत्रों के अनुसार, चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी की मौत के बाद अब मामले में तीन आरोपी हैं। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गयी है।