बारुईपुर में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश

दो आरोपित गिरफ्तार
सांकेतिक फोटो
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में बारुईपुर पुलिस ने एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। खासमल्लिक इलाके में एक किराए के मकान से पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में फर्जी पासपोर्ट बरामद किए और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी महबूब मोल्ला उर्फ राज और प्रीतम बोस हैं। महबूब मोल्ला मगराहाट क्षेत्र का निवासी है, जबकि प्रीतम बोस नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र से ताल्लुक रखता है। प्रीतम पहले मुंबई में काम के सिलसिले में रहता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी पिछले सात-आठ महीनों से खासमल्लिक में एक किराए के मकान में रहकर यह अवैध धंधा चला रहे थे। गुप्त सूचना मिलने पर बारुईपुर पुलिस ने उक्त मकान पर छापा मारा, जहां से बड़ी संख्या में फर्जी पासपोर्ट जब्त किए गए। बरामद पासपोर्टों में कई नदिया जिले के निवासियों के नाम दर्ज हैं, साथ ही बिहार और ओडिशा के लोगों के नाम पर जारी फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। प्राथमिक जांच से पता चला है कि आरोपी लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगते थे। वे पीड़ितों से पासपोर्ट जमा करवा लेते थे, लेकिन न तो नौकरी दिलाते और न ही पासपोर्ट वापस करते। पासपोर्ट लौटाने के बहाने भी उनसे अतिरिक्त पैसे वसूलते थे। इस रैकेट के संबंध में पुलिस के पास पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं, जो पीड़ितों द्वारा की गई थीं। यह रैकेट काफी दिनों से चल रहा था और इससे कई लोग ठगे जा चुके हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने या जब्त करने का गोरखधंधा चला रहे थे। बारुईपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी घटना की गहन जांच में जुट गए हैं। वे अन्य संभावित आरोपियों और रैकेट के नेटवर्क की तलाश कर रहे हैं। इस कार्रवाई से इलाके में फर्जी दस्तावेजों के कारोबार पर लगाम लगने की उम्मीद है। पीड़ितों से अपील की गई है कि वे आगे आएं और शिकायत दर्ज कराएं।


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