

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: बारुईपुर में मंगलवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए प्रभास मंडल के मामले की जांच अब राज्य की सीआईडी करेगी। इस घटना की न्यायिक जांच पहले ही शुरू हो चुकी है। अब एनकाउंटर की परिस्थितियों और पूरी घटना की जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, नियमों के तहत जिस जिले की पुलिस एनकाउंटर में शामिल होती है, वह स्वयं इस मामले की जांच नहीं कर सकती है। इसी वजह से बारुईपुर जिला पुलिस के बजाय सीआईडी को केवल एनकाउंटर से जुड़े पहलुओं की जांच का दायित्व सौंपा गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रभास मंडल के शरीर में दो गोलियां लगी थीं। एक गोली सीने के दाहिने हिस्से में और दूसरी कमर के ऊपर लगी थी। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। देर रात कोलकाता पुलिस मॉर्ग के कांटापुकुर शवगृह में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठने के बाद सीआईडी अब यह पता लगाएगी कि मंगलवार की रात वास्तव में क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एनकाउंटर के मामलों में विभागीय जांच भी अनिवार्य होती है। इसलिए सीआईडी जांच के साथ-साथ विभागीय जांच भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि पिछले रविवार बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की का शव बरामद हुआ था। घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को पूरे दिन उससे पूछताछ की गई। रात करीब 12:45 बजे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के सदस्य प्रभास को लेकर बारुईपुर के सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। नियमों के अनुसार, आरोपी के बयान और घटनास्थल के पुनर्निर्माण के दौरान तथ्यों का मिलान किया जाएगा। इसी दौरान, पुलिस के अनुसार, प्रभास ने अचानक एसआईटी सदस्य रॉनी सरकार की कमर से पिस्तौल छीन ली और किसी के कुछ समझने से पहले एक राउंड फायरिंग कर दी। स्थिति को गंभीर देखते हुए आत्मरक्षा में बारुईपुर थाने की गुंडा दमन शाखा के प्रभारी अर्घ्य मंडल ने जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में प्रभास मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच देर रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।