सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : बांसबेड़िया पालिका क्षेत्र में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मां कैंटीन’ संकट में पड़ गई है। हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के चलते सरकारी योजनाओं पर प्रभाव पड़ रहा है। बांसबेड़िया पालिका द्वारा संचालित 2 कैंटीन में प्रतिदिन करीब सात सौ लोग मात्र 5 रुपये में अंडे सहित भोजन कर रहे हैं। कैंटीन की रसोई में काम कर रही देवी नंदन ने बताया कि रसोई गैस की समस्या दो-तीन दिनों से चल रही है। नगरपालिका की ओर से छोटे सिलेंडर दिए गए हैं, जो फिलहाल काम आ गए हैं, लेकिन शनिवार की दोपहर को क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। यदि आज शाम तक गैस नहीं मिली तो मजबूरन कैंटीन बंद करनी पड़ेगी। एक भोजन ग्रहण करने वाले व्यक्ति ने बताया कि यदि कैंटीन बंद हुई तो उन्हें भूखा रहना पड़ेगा या सूखा खाना, मूड़ी या चूड़ा ही खाना पड़ेगा। पालिका के चेयरमैन तापस मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार के रवैये के कारण आम लोग परेशान हो रहे हैं। तुगलकी फरमानों की वजह से व्यवस्था चरमरा गई है। यदि गैस नहीं मिली तो कैंटीन को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। फिर भी, हम भरसक प्रयास कर रहे हैं कि गैस मिल जाए और आम लोगों को कोई समस्या न हो। टीएमसी पार्टी गरीबों के साथ ईमानदारी से खड़ी रहती है। गैस के अलावा किसी अन्य खाद्य सामग्री की कमी नहीं है। वहीं, भाजपा हुगली सांगठनिक जिला के उपाध्यक्ष स्वराज घोष ने कहा कि गैस की कमी नहीं है। राज्य सरकार के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। राज्य सरकार हमेशा से केंद्र सरकार का विरोध करती रही है। इसलिए ऐसा वातावरण बनाकर आम जनता को परेशान किया जा रहा है।

