

कोलकाता : फर्जी दस्तावेज और फर्जी बिल्डिंग प्लान दाखिल कर राष्ट्रीयकृत बैंक से 3.90 करोड़ रुपये का लोन हड़पने के मामले में कोलकाता पुलिस की डिटेक्टिव विंग को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी मामले में शामिल बैंक मैनेजर शमिक मंडल को नदिया जिले के कृष्णनगर से गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल वित्तीय घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम ने आरोपी बैंक मैनेजर को बैंकशाल अदालत में पेश किया।
सरकारी वकील अरूप चक्रवर्ती ने अदालत में दलील देते हुए बताया कि एक राष्ट्रीयकृत बैंक से जाली कागजात और फर्जी बिल्डिंग प्लान पेश कर 3.90 करोड़ रुपये की लोन राशि सैंक्शन कराई गई थी। जब बैंक अधिकारियों को इस धोखाधड़ी की भनक लगी, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान लालबाजार के जासूसों ने पहले एक अन्य बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया था। उससे कड़ी पूछताछ में शमिक मंडल का नाम सामने आया, जिसके आधार पर छापेमारी कर उसे कृष्णनगर से दबोचा गया।
सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि इस लोन घोटाले के पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह सक्रिय है। मामले की तह तक पहुंचने और अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने आरोपी की हिरासत की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी बैंक मैनेजर को 9 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। एसआईटी मामले में आगे की जांच कर रही है।