‘यहीं मरूंगी, गंगासागर में पूरी हुई बांग्लादेशी वृद्धा की अंतिम इच्छा’

मृत महिला का फाइल फोटो
मृत महिला का फाइल फोटो
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गंगासागर : गंगासागर के कपिल मुनि मंदिर की सड़क संख्या दो पर 70 वर्षीय एक वृद्धा की मौत हो गई। मृतका की पहचान अर्चना गोलदार के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने दाह संस्कार किया।

वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब, हैम रेडियो सचिव अमरेश नाग विश्वास ने बताया कि बेटी की मौत के बाद वे धर्म और अध्यात्म की तलाश में लगभग 30 वर्ष से अधिक समय पहले गंगासागर आई थीं। इसके बाद वे विभिन्न मंदिरों में पूजा-पाठ करती रहीं और श्मशान घाट स्थित काली मंदिर परिसर में रहने लगीं। वह लंबे समय से गंगासागर द्वीप पर रह रही थीं। बताया गया है कि अर्चना गोलदार बांग्लादेश की पहली पैरा-मेडिकल डॉक्टर थीं। गंगासागर मेले के दौरान करीब चार वर्ष पहले, वर्ष 2021 में, वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के सदस्यों की उनसे मुलाकात हुई थी। इस दौरान हैम रेडियो सदस्य दिवस मंडल ने उनसे लंबी बातचीत की और उनके जीवन से जुड़ी कई जानकारियां जुटाईं। इसी माध्यम से क्लब के सदस्यों को बांग्लादेश में उनके परिवार का पता चला।

उनके भाई, जो पेशे से पोस्टमास्टर हैं, उन्हें अपने साथ ले जाना चाहते थे, लेकिन अर्चना गंगासागर द्वीप छोड़ने को तैयार नहीं थीं। वे मंदिर-दर-मंदिर पूजा-पाठ करते हुए वहीं रहना चाहती थीं। गंगासागर मेले के दौरान उनकी सुंदर हस्तलिपि देखकर ही उनसे बातचीत की शुरुआत हुई थी। पिछले वर्ष उन्होंने अपने बेटे के पास जाने की इच्छा जताई थी। इसी दौरान बांग्लादेश में दोबारा अशांति फैल गई और हिंदुओं पर हमलों की खबरों से वे मानसिक रूप से विचलित हो गईं। बाद में शांत होकर उन्होंने कहा था कि वे एक बार बांग्लादेश जाएंगी, लेकिन वापस इसी द्वीप पर लौट आएंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था—“मैं यहीं मरूँगी।”

इसके बाद क्लब के सदस्यों ने उनके बांग्लादेश लौटने की कोशिश की, लेकिन कानूनी जटिलताओं के कारण प्रयास सफल नहीं हो सका। अंततः उनका बांग्लादेश के खुलना लौटना संभव नहीं हो पाया। गंगासागर में ही उनका निधन हो गया। हालांकि, उनकी अंतिम इच्छा पूरी हो सकी। उनके बेटे, भाई और पति से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत करवाई गई थी। वृद्धा गंगासागर द्वीप पर ही अंतिम सांस लेना चाहती थीं और वही हुआ। अमरेश नाग विश्वास ने बताया कि महिला के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

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