बंगलुरु पुलिस ने ‘बांग्लादेशी’ संदेह में काकद्वीप के 6 को हिरासत में लिया

तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद किये गये‌ रिहा
अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद परिवार को  रिहा किया गया
अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद परिवार को रिहा किया गया
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: कर्नाटक में काम करने गए काकद्वीप के एक परिवार के छह सदस्यों को उनकी भाषा बंगला बोलने के आधार पर ‘बांग्लादेशी’ संदेह में बंगलुरु पुलिस ने हिरासत में लिया। बांगलुर थाने में उन्हें रखा गया और कथित रूप से उनका अत्यधिक उत्पीड़न किया गया। इस मुश्किल स्थिति को हल करने के लिए डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद दो दिन बाद परिवार को रिहा किया गया। यह जानकारी मथुरापुर के सांसद बापी हालदार ने दी। यह घटना दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप परिवार के लिए काफी चिंता का विषय रही। हालांकि, उनके कब्जे से जब्त किए गए दस्तावेज़ और मोबाइल फोन शुक्रवार शाम तक वापस नहीं किए गए थे। घटना 25 फरवरी को शुरू हुई, जब बंगलुरु में परिवार के छह सदस्य जिस किराए के घर में रह रहे थे, वहाँ अचानक पुलिस ने छापा मारा और उन्हें घर से उठाकर थाने ले गई। गिरफ्तार छह सदस्य हैं – साकिबुल रहमान मोल्ला, उनके जेठ रईच अली मोल्ला, जेठानी सर्वानु बीबी, रईच अली का बेटा हबीबुल मोल्ला, हबीबुल की पत्नी रेजिना बीबी, और रेजिना का छह साल का बेटा हृदय अहमद मोल्ला। सभी निवासी दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप विधानसभा क्षेत्र के ढोलाहाट थाना अंतर्गत रामगोपालपुर के हैं। साकिबुल बंगलुरु में होम डिलीवरी का काम करते हैं, जबकि रईच अली और उनकी पत्नी सर्वानु बीबी बंगलुरु में कागज इकट्ठा कर बेचते हैं। फिलहाल पूरा परिवार अपने काकद्वीप घर लौट रहा है। परिवार ने सांसद अभिषेक और राज्य सरकार की सराहना की है।

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