24 घंटे के भीतर कालीघाट थाने में तीसरी बार ओसी बदले गये

अब बलाई बाग बनाये गये ओसी कालीघाटसन्मार्ग संवाददाता
फाइल फोटो
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कोलकाता : कोलकाता का प्रतिष्ठित कालीघाट थाना इन दिनों प्रशासनिक फेरबदल को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के भीतर इस थाने में तीन बार प्रभारी अधिकारी (ओसी) बदले जा चुके हैं। गौतम दास और चमेली मुखर्जी के बाद अब पोलेरहाट थाने के एडिशनल ओसी बलाई बाग को कालीघाट थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक तस्वीर से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पूर्व ओसी गौतम दास की एक विवादित तस्वीर से हुई। मतगणना से ठीक पहले गौतम दास ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें वे थाने के भीतर अपनी कुर्सी पर बैठकर एक अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल ताने नजर आ रहे थे। इस तस्वीर पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जयप्रकाश मजुमदार ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल से शिकायत करते हुए इसे सेवा नियमों और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया। मजुमदार का तर्क था कि ड्यूटी के दौरान हथियार के साथ ऐसी डरावनी तस्वीर पोस्ट करना कानूनन गलत है।

चमेली मुखर्जी की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

शिकायत के बाद आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गौतम दास को हटा दिया और उनके स्थान पर उलटाडांगा महिला थाने की ओसी चमेली मुखर्जी को नियुक्त किया। हालांकि, यह नियुक्ति भी विवादों से अछूती नहीं रही। भाजपा उम्मीदवार मानव गुह ने सोशल मीडिया पर चमेली मुखर्जी की नियुक्ति को चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि चमेली मुखर्जी के खिलाफ अलीपुर अदालत में एक मामला विचाराधीन है और वे कोर्ट में पेश भी नहीं हुई हैं। गुह ने सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान एक ‘अभियुक्त’ पुलिस अधिकारी को थाने की कमान कैसे सौंपी जा सकती है?। विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर फैसला बदला। चमेली मुखर्जी को पद संभालने के 24 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया और अब बलाई बाग को कालीघाट थाने का नया ओसी नियुक्त किया गया है।


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