

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: बाजेकदमतला घाट पर प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचीं कई पूजा कमेटियों को रेलवे गेट समय पर नहीं खुलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। गेट नहीं खुलने और उसे खोलने के समय को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से पूजा कमेटियों के पदाधिकारियों में नाराजगी देखी गई। इस दौरान पूजा कमेटियों के पदाधिकारियों और रेलवे पुलिस तथा कोलकाता पुलिस के अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रहने के बाद रेलवे गेट खोला गया, जिसके बाद विसर्जन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। गेट खुलने के समय को लेकर बढ़ा विवाद : पूजा कमेटियों के सदस्यों का कहना था कि रेलवे गेट खोलने के समय को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी जा रही थीं। कभी गेट दो बजे खोलने की बात कही जा रही थी, तो कभी चार बजे खुलने की सूचना दी जा रही थी। समय को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों को इंतजार करना पड़ा। इसी मुद्दे पर पूजा कमेटियों के पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस की स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास का आरोप : स्थानीय लोगों और कुलियों का आरोप था कि पुलिस तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के बयानों में एकरूपता नहीं थी। गेट कब खुलेगा, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से लोगों की परेशानी बढ़ती गई। पूजा कमेटियों के पदाधिकारियों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा। परिवारों और बच्चों को भी हुई परेशानी : रेलवे गेट नहीं खुलने के कारण परिवार और छोटे बच्चों के साथ विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। गेट खुलने के समय को लेकर बनी अनिश्चितता ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। बाद में रेलवे गेट खोले जाने के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न कराया गया।