

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल की प्रसिद्ध दुर्गापूजा का समापन हो चुका है। अब अगले वर्ष एक बार फिर मां दुर्गा की आराधना धूमधाम से की जाएगी। इस बीच महानगर के विभिन्न गंगा घाटों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन विधि-विधान के साथ जारी है। प्रसिद्ध बाजे कदमतला घाट पर प्रतिमा विसर्जन को लेकर केएमसी और कोलकाता पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। महानगर के विभिन्न इलाकों की दुर्गापूजा कमेटियां अपनी प्रतिमाओं के साथ घाट पर पहुंचकर परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार विसर्जन की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।
केएमसी के विभिन्न विभागों के शिविर, सुरक्षा में तैनात रहे पुलिसकर्मी :
बाजे कदमतला घाट पर प्रतिमा विसर्जन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए केएमसी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य और लाइटिंग विभाग की ओर से शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा पार्क एंड स्क्वायर विभाग के कर्मियों को भी तैनात किया गया है। कोलकाता पुलिस के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और सीटी बजाकर लोगों से घाट से बाहर निकलने की अपील कर रहे हैं, ताकि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
गंगा में प्रदूषण को रोकने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। विसर्जन के बाद प्रतिमाओं के ढांचों को क्रेन की मदद से गंगा से बाहर निकाला जा रहा है। इसके बाद इन ढांचों को धापा इलाके में ले जाकर निस्तारित किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नशे की हालत में घाट पर नहीं उतरने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। केएमसी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 21 से 24 तारीख तक घाट पर कर्मियों की तैनाती रहेगी। उनके अनुसार, 21 तारीख को करीब 570 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इसके अलावा संबंधित दिन दोपहर तक करीब 10 प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था।
विसर्जन देखने उमड़ी लोगों की भीड़
बाजे कदमतला घाट पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। घाट के बाहर खड़े होकर लोगों ने विसर्जन की पारंपरिक प्रक्रिया देखी। इस दौरान पूजा कमेटियों के सदस्य भी अपनी-अपनी प्रतिमाओं के साथ पहुंचे और विधि-विधान के अनुसार विसर्जन की रस्म पूरी की। विसर्जन में शामिल कई पूजा कमेटियों के सदस्यों ने प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उनका कहना था कि घाट पर विभिन्न विभागों के कर्मियों की मौजूदगी और पुलिस की निगरानी से विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिल रही है।