बैंक खातों के ऑपरेशन पर कोई रोक नहीं
ममता तृणमूल कांग्रेस को मिली राहत
2027 के जनवरी तक बढ़ा दी मियाद
जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों के ऑपरेशन पर कोई रोक नहीं है। तृणमूल कांग्रेस अपने रोजमर्रा और मासिक खर्च के लिए इन बैंक खातों से पैसा निकाल सकती है। हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने इस मामले को लेकर दायर पॉटिशिन पर सोमवार को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। जस्टिस भट्टाचार्य ने इस मामले में अपने अंतरिम आदेश की अवधि को 2027 की जनवरी तक बढ़ा दिया। इस मामले में चुनाव आयोग के 17 सितंबर के आदेश का हवाला देते हुए राज्य सरकार की तरफ से पिटीशन दायर किया गया था। इसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और प्रतीक को फ्रीज कर दिया है। इस लिहाज से तृणमूल कांग्रेस अब बैंक खातों का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की तरफ से एडवोकेट शोएब आलम की दलील थी कि चुनाव आयोग ने यह आदेश सिर्फ दो विधानसभा के उप चुनाव के सिलसिले में दिया है। राज्य सरकार की दलील थी कि चुनाव आयोग के इस अंतरिम आदेश के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने इन बैंक खातों को ऑपरेट करने के अधिकार को खो दिया है। अगर ऐसा ही है तो दोनों गुटों को इन बैंक खाते को ऑपरेट करने का अधिकार दिया जाए। जस्टिस भट्टाचार्य का कहना था कि मूल मुद्दा अभी चुनाव आयोग के पास लंबित है। किसे तृणमूल कांग्रेस का नाम और प्रतीक मिलेगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश को बहाल रखा है। हाईकोर्ट ने एक स्पेशल अफसर नियुक्त कर रखा है। चेक पर उसके हस्ताक्षर के बाद ही बैंक से उपरोक्त मदों के लिए पैसा निकाला जा सकता है। एडवोकेट आलम का सवाल था कि चुनाव आयोग ने एक अंतरिम आदेश दिया है तो क्या इसमें हाई कोर्ट दखल दे सकता है। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि कोर्ट ने दल और प्रतीक के मामले में चुनाव आयोग का फैसला नहीं आने तक बैंक खातों को ऑपरेट करने का एक अंतरिम आदेश दिया था। लिहाजा इस मामले में चुनाव आयोग का फैसला नहीं आने तक यह आदेश बहाल रहेगा। उन्होंने इस अंतरिम आदेश की अवधि को 2027 की जनवरी तक बढ़ा दिया

