मिथिला विकास परिषद की पहल पर गंगा सागर एक्सप्रेस में सजेगी विश्वप्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग

छठ पूजा से पूर्व सियालदह से जयनगर तक मिथिला की सांस्कृतिक पहचान के साथ रवाना होगी ट्रेन
Kolkata
गंगा सागर एक्सप्रेस में सजेगी विश्वप्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग
Published on: 

कोलकाता : मिथिला विकास परिषद की निरंतर पहल एवं प्रयासों के फलस्वरूप पूर्व रेलवे की महत्वपूर्ण रेलगाड़ी गंगा सागर एक्सप्रेस (सियालदह–जयनगर 13185/13186)   ट्रेन में   विश्वप्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग अंकित करने की योजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छठ पूजा से पूर्व इस ट्रेन के वातानुकूलित डिब्बों को मिथिला की पारंपरिक एवं विश्वविख्यात चित्रकला से सजाकर सियालदह से जयनगर के लिए रवाना किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण परियोजना को मूर्त रूप देने की दिशा में आज मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के आमंत्रण पर संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मिथिला विकास परिषद के अध्यक्ष श्री अशोक झा ने गंगा सागर एक्सप्रेस के प्रथम वातानुकूलित (AC First Class), द्वितीय वातानुकूलित (AC 2-Tier) एवं तृतीय वातानुकूलित (AC 3-Tier) श्रेणी के डिब्बों का माप लेने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया।

माप लेने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही मिथिला पेंटिंग के अनुरूप डिब्बों के सौंदर्यीकरण एवं चित्रांकन की अगली प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

 अशोक झा ने इस पहल को केवल रेलगाड़ी के सौंदर्यीकरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मिथिला और बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और कलाकारों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि गंगा सागर एक्सप्रेस मिथिला और कोलकाता के बीच केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि दोनों क्षेत्रों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंधों की जीवनरेखा है। इस ट्रेन पर मिथिला पेंटिंग का अंकन होने से देश-विदेश के यात्रियों को मिथिला की गौरवशाली कला एवं संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

मिथिला विकास परिषद ने इस कार्य में सहयोग एवं सकारात्मक पहल के लिए रेलवे प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News