

कोलकाता : सीमाहीन सहयोग और अकादमिक शोध के अद्वितीय उत्सव के रूप में, EIILM–कोलकाता ने वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में बॉर्डरलेस एशिया की एशियन इंटीग्रेशन इनिशिएटिव श्रृंखला के 6वें अध्याय का सफल आयोजन किया।
JW मैरियट होटल एंड सूट्स सैगॉन में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय था—
“पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, कार्य, जीवन और लेनदेन: वैश्विक उभराव के लिए एशियाई दृष्टि।”
यह सम्मेलन University of Economics and Finance (UEF), वियतनाम; SEGi University & Colleges, मलेशिया; और Universitas Pancasakti Tegal (UPS), इंडोनेशिया के सहयोग से आयोजित किया गया। यह पूरी पहल प्रो. (डॉ.) आर. पी. बनर्जी, चेयरमैन एवं डायरेक्टर, EIILM–कोलकाता द्वारा संकल्पित बॉर्डरलेस एशिया श्रृंखला का विस्तार है।
कंबोडिया, फिलीपींस, सिंगापुर, उज़्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया, ताइवान, थाईलैंड, रूस, मंगोलिया, पोलैंड, वियतनाम और भारत से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचारों से सम्मेलन को समृद्ध किया। पैनल चर्चाओं में सरकारी संगठनों, विश्वविद्यालयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं उद्योग जगत के नेताओं ने सतत विकास, तकनीकी परिवर्तन, नेतृत्व, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और मानव-केंद्रित विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
समांतर अकादमिक सत्रों में प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और डॉक्टरेट विद्यार्थियों ने अपने शोध प्रस्तुत किए, जिससे EIILM–कोलकाता की वैश्विक अकादमिक संवाद को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।
सम्मेलन का प्रथम मुख्य वक्तव्य महेश चंद गिरी, कौंसुल, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हो ची मिन्ह सिटी द्वारा दिया गया। इसके अलावा डॉ. डो ह्यू गुयेन लोक, वाइस प्रेसिडेंट, UEF; हो न्हू दूरियन, उपनिदेशक, वियतनाम शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय; और नरेश पचिसिया, अध्यक्ष, भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण था—
प्रो. (डॉ.) आर. पी. बनर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “Gita for Work and Life” का वैश्विक विमोचन, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अत्यधिक सराहा।
कार्यक्रम के दौरान EIILM–कोलकाता ने UEF, वियतनाम एवं TWINTECH मलेशिया के साथ दो महत्त्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए, जो दीर्घकालीन शैक्षणिक सहयोग का आधार बनेंगे।
एक गर्वपूर्ण क्षण वह था जब Rama Prosad Global University (RPGU) का लोगो भव्य रूप से अनावरण किया गया। इसके बाद प्रो. बनर्जी द्वारा रचित “Song of Asia” की प्रस्तुति ने एकता का संदेश गूंजा दिया।
सम्मेलन को Sanmarg और Towards Life Foundation जैसे प्रतिष्ठित भागीदारों का सहयोग प्राप्त हुआ। समापन भाषण में प्रो. बनर्जी ने कहा—
“एशियन इंटीग्रेशन इनिशिएटिव केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि एकीकृत, सहयोगी और मूल्य-आधारित एशिया की ओर एक आंदोलन है।”